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पुराने को बताया नया आंगनबाड़ी केंद्र और सात लाख की राशि गबन कर ली

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पूरनपुर। ग्राम पंचायत शहबाजपुर में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण न कराकर पौने सात लाख रुपये की धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। संबंधित अधिकारियों ने पुराने आंगनबाड़ी केंद्र का रंग-रोगन कर नया बता दिया और केंद्र निर्माण को जारी की गई राशि गबन कर ली। शिकायत पर प्रथम दृष्टया जांच में मामला सही पाया गया। खंड विकास अधिकारी ने गहनता से जांच को छह सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को ग्राम पंचायत में निर्मित कुल आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या, निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों की ड्राइंग, आंगनबाड़ी केेंद्रों के निर्माण की अनुमति आदि की जांच के आदेश दिए है।
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ग्राम पंचायत शहबाजपुर के प्राथमिक स्कूल, घाटमपुर के जूनियर हाईस्कूलों में सीएण्डडीएस संस्था की ओर आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत से वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत में एक और आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हुआ। ग्राम पंचायत ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए बगैर करीब पौने सात लाख रुपये का बंदरबांट कर लिया गया। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने खंड विकास अधिकारी से मोबाइल पर की। मामला गंभीर होने पर खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने दो दिन पहले गांव पहुंचकर स्वयं जांच शुरू की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण ही नहीं कराया गया। पूर्व प्रधान, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन की संपूर्ण राशि का गबन कर लिया। खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच को छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। टीम में ग्राम पंचायत अधिकारी रामप्रकाश मौर्य, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी विजय कुमार, तकनीकी सहायक सौरभ कुमार, देश दीपक, पंकज कुमार को शामिल किया गया है। जांच कमेटी ग्राम पंचायत का निरीक्षण कर दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। टीम को ग्राम पंचायत में निर्मित कुल आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या स्थलवार, निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों की ड्राइंग, नजरी नक्शा, निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की अनुमति और अन्य तकनीकी बिंदुओं पर जांच करेगी।
बिना निरीक्षण मेजरमेंट बुक कर दिया तैयार
ग्राम पंचायत शहबाजपुर में पहले से ही आंगनबाड़ी था। तब ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र भवन की जरूरत नहीं थी। मगर योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनने का प्रस्ताव किया गया था। योजना के तहत पुराने आंगनबाड़ी केंद्र की मामूली मरम्मत कराकर उसके फोटो भेजकर आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण दिखा दिया गया। जबकि निर्माण कार्य को लेकर तीन बार लेआउट होने पर कार्य होते हुए और निर्माण कार्य पूरा होने के फोटो अभिलेखों में लगाए जाते है। इतना ही नहीं स्थल पर बगैर जाए तकनीकी सहायक ने एमबी (मेजरमेंट बुक) तैयार कर दी। जबकि एमबी तकनीकी सहायक को स्थल पर पहुंचकर स्थल की लंबाई, चौड़ाई आदि नाप कराकर होती है।
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निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र की ड्राइंग से पकड़ा गया मामला
किसी संस्था और ग्राम पंचायत की ओर से बनाए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र भवन की ड्राइंग में भिन्नता होती है। निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवन ग्राम पंचायत की ओर बनने वाले आंगनबाड़ी भवन की ड्राइंग का न होने पर खंड विकास अधिकारी ने मामले को पकड़ लिया। जांच में उन्होंने कुछ हिस्से का पेंट भी छुटवाकर देखा। पेंट की नीचे की परत दूसरे रंग की होने पर पुराने आंगनबाड़ी केंद्र भवन की मरम्मत और रंग-रोगन कर नया दर्शाने का मामला पाया गया।
तकनीकी सहायक पर कुछ पहले दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
पूरनपुर। जिस तकनीकी सहायक ने बगैर स्थल पर जाए एमबी पास कर दी। वह खासा शातिर है। इससे पहले भी उसके कई मामले पकड़े गए। कुछ महीने पहले उस पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मगर उसके खिलाफ अब तक कठोर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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