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दस मीटर चौड़ा होगा पीलीभीत - फर्रुखाबाद हाईवे

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पीलीभीत। असम चौराहे से फर्रुखाबाद के बीच फोरलेन नहीं, बल्कि दस मीटर चौड़ा हाईवे बनेगा। फोरलेन न बनने के पीछे मानक के अनुरूप वाहनों का लोड फैक्टर कम बताया जा रहा है। बरेली डिवीजन अधीन इस हाईवे को केंद्र सरकार द्वारा नामित कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कराया जाएगा। 130 किलोमीटर लंबे हाईवे के निर्माण से पहले कार्यदायी संस्था को सामाजिक वानिकी और पावर कॉरपोरेशन की ओर से एनओसी लेनी होगी। इससे पेड़ कटान और विद्युत पोल को निर्माण के दौरान हटाया जा सके। नवंबर या फिर दिसंबर से हाईवे का निर्माण होने की अनुुमान लगाया जा रहा है।
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शहर के असम चौराहे से बीसलपुर, भड़रिया मोड़, खुदागंज जलालाबाद होते हुए करीब फर्रुखाबाद बॉर्डर तक 130 किलोमीटर लंबा इस सड़क को दस मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। अभी इसकी चौड़ाई सात मीटर है, चौड़ीकरण के बाद दस मीटर चौड़ा यह हाईवे हो जाएगा। इसका निर्माण नेशनल हाईवेे ऑफ ऑथरिटी नहीं बल्कि वर्ल्ड बैंक की ओर से नामित संस्था कराएगी। एनएच के अवर अभियंता देवेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ल्ड बैंक के सहयोग से इसका निर्माण भारत सरकार की ओर से कराया जाएगा। दस मीटर चौड़ी सड़क के बीच डिवाइडर नहीं बनाए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए दूसरी कार्यदायी संस्था को नियुक्ति किया जाएगा। हालांकि अभी प्रोजेक्ट के कीमत के बारे में भी जानकारी नहीं हो सकी है। हाईवे पर जो गड्ढे हो गए थे। उनका पैचिंग कार्य करा दिया गया है। अब राहगीरों को आवागमन में कोई दिक्कत नहीं होगी।
दो एनओसी के बाद ही होगा हाईवे का निर्माण
नामित कार्यदायी संस्था द्वारा सामाजिक वानिकी और पावर कॉरपोरेशन से नो अब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके बाद ही हाईवे का निर्माण शुरू होगा। पीलीभीत से बीसलपुर तक सात मीटर चौकी सड़क पहले से है। यहां पर तीन मीटर और चौड़ा कर दस मीटर चौड़ाई की जाएगी। जबकि बीसलपुर, भड़रिया मोड़, खुदागंज कटरा होते हुए जलालाबाद तक नए तरीके से निर्माण होगा। इसमें जमीन अधिग्रहण को लेकर भी दिक्कत आ सकती है। जबकि अभी कार्यदायी संस्था को एनएच के अधिकारी नामित होने पर ही शंका जता रहे है। वहीं हाईवे निकलने वाले रास्ते के दोनों तरफ आबादी भी है।
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पीलीभीत असम चौराहे से फर्रुखाबाद बॉर्डर तक बरेली डिवीजन में आता है। इससे 130 किलोमीटर में सिर्फ दस मीटर चौड़ा हाईवे बनेगा। इसके निर्माण का जिम्मा भारत सरकार की ओर से किसी संस्था को दिया गया है। हालांकि नवंबर या फिर दिसंबर में काम शुरू होने का अनुमान है। - एसके सिंह सोलंकी, सहायक अभियंता, एनएच
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