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किशोर पर हमला कर नदी में खींच ले गया मगरमच्छ

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अमरिया (पीलीभीत)। भैंस चराने गए किशोर को मगरमच्छ हमला कर खकरा नदी में खींच ले गया। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम और पुलिस ने काफी तलाश किया, मगर कोई पता नहीं लग सका। आज दोबारा सर्च अभियान चलाया जाएगा।
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गांव सिरसा सेमरखेड़ा निवासी लीलाधर ने बताया कि 13 वर्षीय ओमप्रकाश बुधवार शाम को जानवर चराने गया था। गांव के बाहर से खकरा नदी गुजर रही है। ओमप्रकाश नदी में उतरकर जानवरों को पानी पिला रहा था। इस बीच उसे मगरमच्छ ने हमला कर खींच लिया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने देखा तो शोर मचाया। इस पर भीड़ जमा हो गई। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। मगर तब तक मगरमच्छ किशोर को खींचकर नदी में ले जा चुका था। इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। कोतवाली पुलिस और वन विभाग के रेंजर सतेंद्र कुमार चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। काफी तलाश की गई, मगर किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका। सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम ने बताया कि मगरमच्छ के हमले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। वन विभाग की टीम भी रही। काफी तलाश के बाद भी किशोर का पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार को दोबारा सर्च अभियान चलाया जाएगा।
खकरा नदी में डेरा जमाए मगरमच्छ का 15 दिन में तीसरा हमला
पीलीभीत। खकरा नदी में डेरा जमाए मगरमच्छ जानलेवा साबित हो रहे हैं। पंद्रह दिन के भीतर ये तीसरा हमला है। इससे पहले किशोर समेत दो अन्य लोगों की जान मगरमच्छ के हमले में जा चुकी है। लगातार हो रहे हमलों से खकरा नदी किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
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अभी तीन दिन पहले ही न्यूरिया क्षेत्र से मगरमच्छ का हमला हुआ था। 27 जून को न्यूरिया क्षेत्र के रूरा रामनगर गांव निवासी 12 वर्षीय डोरीलाल पुत्र जानकी प्रसाद भैंस चराने के लिए निकला था और इसी तरह से भैंस को पानी पिलाते वक्त खकरा नदी से निकले मगरमच्छ ने हमला कर निवाला बनाया था। इससे पहले पहले न्यूरिया क्षेत्र में में ही बंगाली कॉलोनी निवासी शरद मलिक की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी। 16 जून की सुबह वह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। शाम तक वापस न आने पर जब तलाश की गई तो शरद का शव गांव से एक किलोमीटर दूर खकरा नदी में ही मिला था। शव क्षतविक्षत हालत में था। पिछले साल नौ सितंबर को बरखेड़ा क्षेत्र के गांव बरगदा निवासी नेमचंद का 15 वर्षीय पुत्र दीनदयाल मगरमच्छ के हमले में घायल हुआ था। वह सुबह टहलने के लिए गांव के ही करन, महेंद्रपाल, भरतवीर के साथ घर से निकला था। उस पर गांव के बाहर से गुजर रही बीसलपुर माइनर के पास मगरमच्छ ने हमला किया था। 25 मई 2019 को अमरिया क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी कमलेश कुमार को उस वक्त मगरमच्छ ने हमला कर घायल कर दिया था, जब वह गांव के बाहर अपने खेत पर गन्ने की फसल में पानी लगा रहे थे। नजदीक के तालाब से निकले मगरमच्छ ने हमला किया था। 31 जुलाई 2017 को पूरनपुर के गांव ढक्काचांट निवासी खसान मोहम्मद के बेटे जीशान पर मगरमच्छ ने हमला किया था। वह भी पशुओं को चराने के बाद घर लौट रहा था। अचानक नाले से निकले मगरमच्छ ने हमला कर दिया था।
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