पीलीभीत। गन्ना पेराई सत्र 2021-22 के लिए गन्ना सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। कोरोना काल में शुरू हुए गन्ना सर्वेक्षण में पूरे जनपद में 154 टीमों को लगाया गया है। नई गन्ना सर्वेक्षण नीति के अनुसार इस बार किसानों को गन्ने से जुड़ी सारी जानकारियां, अभिलेखीय साक्ष्य आदि को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन करना अनिवार्य किया गया है।
जनपद में करीब एक लाख हेक्टेयर के आसपास भूमि पर गन्ने की पैदावार की जाती है। इस बार भी बड़ी तादाद में किसानों ने गन्ने की फसल बोई है। शासन की ओर से नई गन्ना सर्वे नीति पूर्व में ही जारी की जा चुकी है। सर्वे नीति आने के लिए जनपद में गन्ना सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक गन्ना सर्वे के लिए 154 टीमें बनाई गई हैं। गन्ना सर्वे कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गठित टीमों में एक चीनी मिल का कर्मचारी और एक गन्ना पर्यवेक्षक को नामित किया गया है। सर्वे का कार्य जीपीएस से शुरू किया गया है। प्रतिदिन की रिपोर्ट शासन के विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जानी है। नए किसान गन्ना समिति की 30 सितंबर तक सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। सर्वे कार्य की निगरानी जिला गन्ना अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, महाप्रबंधक गन्ना और सहायक गन्ना प्रबंधकों द्वारा की जाएगी। सर्वे 30 जून तक पूरा किया जाना है।
प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार किसानों को इस बार अपने गन्ने के क्षेत्रफल आदि के संबंध में दिया जाने वाला घोषणा पत्र इस बार विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। जिसमें भूमि संबंधी आंकड़ों के लिए जन सुविधा केंद्रों से प्राप्त खतौनी, बैंक खाते की डिटेल, गन्ने की प्रजाति, पेड़ी, पौधा आदि का विवरण और अभिलेखीय साक्ष्य भी अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन घोषणा पत्रों का सत्यापन क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा।
जनपद में सभी क्षेत्रों के गन्ना सर्वे का कार्य शुरू कराया गया है। हालांकि कोरोना काल में की स्थिति में गन्ना सर्वेक्षण कार्य चुनौती भरा है। सर्वे से जुड़े अधिकारियों व गन्ना पर्यवेक्षकों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी