पीलीभीत। मालगोदाम शुरू होने के बाद रविवार को दूसरी मालगाड़ी में चीनी की लोडिंग शुरू हुई थी। दोपहर बाद अचानक चीनी की लोडिंग करने वाले श्रमिक काम छोड़कर चल गए। मिल प्रशासन को देर रात में चीनी लोडिंग पूरी करने की रेलवे द्वारा अनुमति दी गई। इसके बाद भी लोडिंग पूरी नहीं हो सकी। सोमवार को लोडिंग पूरी होने के बाद मालगाड़ी रवाना हुई। मिल प्रबंधन पर 20 घंटा मालगाड़ी लेट करने पर एक लाख 32 हजार का जुर्माना डाला गया है।
जंक्शन परिसर स्थित मालगोदाम शनिवार से शुरू कर दिया गया था। सबसे पहले शहर स्थित एलएच शुगर मिल से मालगाड़ी में चीनी की लोडिंग की गई। इसमें शनिवार को पहली मालगाड़ी समय से रवाना हो गई थी। इसके बाद रविवार को दूसरी मालगाड़ी में मिल द्वारा चीनी की लोडिंग शुरू की गई थी। दोपहर बाद अचानक लोडिंग करने वाले श्रमिक काम छोड़कर चल गए। इससे मालगाड़ी में लोडिंग का काम बंद हो गया। सूचना रेलवे के आला अधिकारियों को दी गई। इस पर रेलवे ने मिल को देर रात तक चीनी लोडिंग पूरी करने की अनुमति दी थी। इसके बाद भी मिल द्वारा चीनी की लोडिंग पूरी नहीं हो पाई। सोमवार सुबह दोबारा श्रमिकों के आने के बाद लोडिंग शुरू की गई। दोपहर तक लोडिंग का काम पूरा होने के बाद करीब एक बजे गुजरात के गांधीधाम को मालगाड़ी रवाना हुई। समय से लोडिंग पूरी न होने से करीब 20 घंटा देरी से मालगाड़ी रवाना हो सकी। देरी से लोडिंग पूरी करने पर रेलवे ने मिल प्रबंधन पर डीसी (डैमरेज चार्ज) के रूप में 132300 रूपये का जुर्माना डाला है। पीआरओ राजेेंद्र सिंह ने बताया कि मालगाड़ी में समय से लोडिंग नहीं हो पाई थी। देर रात में भी लोडिंग पूरी करने की अनुमति दी गई थी। फिर भी पूरी नहीं हुई। नियमानुसार डैमरेज चार्ज के रूप में मिल को जुर्माना देना होगा।