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क्रय केंद्र पर लिखाने होंगे गुणवत्ता के मानक, शिकायत पंजीकरण का टोल फ्री नंबर

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पीलीभीत। गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने पर सरकार का पूरा जोर है। किसानों की सहूलियत के लिए क्रय केंद्रों पर 11 बिंदुओं पर जानकारी चस्पा की जाएगी। टोल फ्री नंबर भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिया है।
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एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। अभी तक जिले में गेहूं खरीद को लेकर 58 क्रय केंद्र बनाए गए थे। शुक्रवार को डीएम से अनुमति मिलने के बाद इनकी संख्या 94 हो गई है। इनमें 19, पीसीएफ 19, एसएफसी के आठ, पीसीयू के 25, यूपीएसएस के 17, मंडी परिषद के तीन और भारतीय खाद्य निगम के तीन क्रय केंद्र अनुमोदित हुए हैं।
क्रय केंद्रों पर पंखा, किसानों के बैठने की सुविधा, पेयजल संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएंगी। इसके अलावा क्रय केंद्रों पर 11 बातों की जानकारी चस्पा करने होगी। इसमें गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य, क्रय केंद्र संस्था का नाम, शिकायत पंजीकरण का टोल फ्री नंबर, क्रय एजेंसी के जिला स्तरीय अधिकारी का नाम व नंबर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी का नाम, नंबर, संबंधित क्षेत्र के एसडीएम का नाम व मोबाइल नंबर, गुणवत्ता के मानक, क्रय केंद्र खुलने और बंद होने का समय, जिले का प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन लिखाना होगा। यह प्रारूप क्रय केंद्र की दीवार या फिर बैनर पर क्रय एजेंसी के अधिकारी को लिखवाना होगा।
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कांटा बाट का होगा सत्यापन
क्रय केंद्र पर घटतौली न हो इसके लिए भी जिम्मेदारी तय की गई है। क्रय केंद्र पर लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन बांट माप के अधिकारी से पूर्व में ही कराना होगा। यह सत्यापन 25 मार्च तक पूरा करना है। कांटों की रिपेयरिंग के लिए मैकेनिक रखना होगा। अगर यह संभव नहीं हो पाता है तो एक मैकेनिक को नामित करना होगा। उसका नाम व नंबर सभी क्रय केंद्रों पर दिया जाएगा।
क्रय केंद्रों का निर्धारण कराया जा रहा है। शासनादेश के अनुसार इस पर काम चल रहा है। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएगी। एजेंसियों के जिला प्रबंधकों व अन्य जिम्मेदारों को निर्देशित कर दिया गया है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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