पीलीभीत। एकता सरोवर की कैंटीन और टिकट बुकिंग के लिए पहले खुली निविदा के तहत टेंडर डलवाने के बाद प्रक्रिया निरस्त किए जाने पर गुस्साए ठेकेदारों ने ईओ कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इसको लेकर नगर पालिका के ईओ और टेंडर डालने वाले ठेकेदारों के बीच नोकझोंक भी हुई। ठेकेदारों ने निर्धारित कीम से अधिक दाम पर टेंडर फार्म देने का भी आरोप लगाया गया। आखिर में सभी ठेकेदारों को अपने-अपने प्रस्ताव के बंद लिफाफे लेकर लौटना पड़ा।
शहर के एकता सरोवर पार्क का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। काम अंतिम चरणों में पहुंच चुका है। सौंदर्यीकरण के बाद नेहरू ऊर्जा उद्यान की तरह एकता सरोवर पार्क में भी प्रवेश के लिए टिकट लगाने की योजना है। इसे विकसित करने के लिए पार्क में कैंटीन भी सुविधा भी रहेगी। टिकट बुकिंग और कैंटीन दोनों ठेका देने के लिए नगर पालिका की ओर से टेंडर निकाले गए थे। मंगलवार सुबह 10 बजे से टेंडर डलवाए गए। सात ठेकेदारों की ओर से टेंडर डाले गए थे। शाम चार बजे टेंडर खुलने का समय तय किया गया था। सभी ठेकेदार निर्धारित समय पर नगर पालिका कार्यालय जा पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद भी जब टेंडर नहीं खोले गए तो ठेकेदारों ने ईओ सुरेंद्र प्रताप से बात की। इस पर ईओ ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत टेंडर डलवाए जाएंगे। उनकी बात सुनकर ठेकेदार भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि कुछ नेताओं के दबाव में आकर प्रक्रिया निरस्त की गई है। यह बात खुद अधिकारियों ने कारण समझाते हुए कही थी। उनका यह भी आरोप था कि टेंडर का फार्म 1180 रुपये का था, जो नगरपालिका के कर्मचारियों ने ठेकेदारों को 1700 रुपये में दिया। ईओ से ठेकेदारों की काफी देर तक नोकझोंक होती रही। अंत में टेंडर खोले बिना लिफाफे ठेकेदारों को लौटा दिए गए। तब जाकर मामला शांत हो सका।
पहले खुली निविदा के तहत टेंडर डलवाए गए थे। फिर आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए इसे निरस्त कर दिया गया। अब ई-टेंडरिंग के माध्यम से ठेका दिया जाएगा। किसी के दबाव में प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई है। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ