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17.50 करोड़ से रोकी जाएगी बाढ़ से होने वाली बर्बादी

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माधोटांडा। शारदा सागर डैम और उसकी तलहटी में बसी आबादी को शारदा नदी से उत्पन्न खतरे से बचाने के लिए सिंचाई विभाग की दो डिवीजन 17.50 करोड़ की लागत से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराएंगे। हालांकि पिछले सालों में बारिश के दिनों में सिंचाई विभाग लाखों रुपया बाढ़ नियंत्रण के नाम पर ठिकाने लगाता रहा है, मगर इस साल क्षेत्रवासियों को स्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य होने की आस बंधी है। एक स्थान पर टाइगर रिजर्व द्वारा एनओसी न देने के चलते खतरा भी बना रहेगा।
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शारदा नदी की बाढ़ से पैदा होने वाले खतरे से शारदा डैम को बचाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर दाहिने किनारे पर एक द्वितीय मार्जनल बांध बनवाया था। इसके अलावा नदी के भीतरी हिस्से में पत्थर की ठोकरें भी बनाई थी। इसे दुर्भाग्य ही कहा जाए कि लापरवाही की वजह से नदी में बाढ़ आने से मार्जनल बांध कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने के साथ ठोकरें भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई। इसके बाद प्रदेश सरकार ने शारदा नदी की बाढ़ विभीषिका से बचाने शारदा सागर खंड और बाढ़ खंड को जिम्मेदारी सौंपी थी। बाढ़ खंड को शारदा सागर डैम के सामने और शारदा सागर खंड को अन्य स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण कार्य कराने थे, मगर इन स्थानों पर देरी से काम शुरू कराए गए। जिसके कारण बाढ़ नियंत्रण कार्य बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे। इस पर सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने समय से प्रोजेक्ट मंजूर न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
अब शारदा सागर खंड गभिया सहराई और नलडेंगा क्षेत्र में अलग-अलग टुकड़ों में 12 करोड़ की लागत से ठोकरें बनाएगा। वहीं बाढ़ खंड नगरियाखुर्द कलां क्षेत्र में साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराएगा। मगर यहां एक दिक्कत यह है कि बाढ़ खंड डिवीजन को नगरियाखुर्द कलां में एक छोटे से जंगल के टुकड़े से सटे इलाके में कटान रोकने को मजबूत कराने संबंधी काम करना है, मगर पीलीभीत टाइगर रिजर्व से निर्माण काय्र कराने की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण) नहीं मिल सकी। इस कारण इस इलाके में एक बार फिर शारदा सागर डैम पर खतरा मंडराता रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई विभाग को जनवरी से ही बाढ़ नियंत्रण कार्य हर हालत में शुरू कराने के निर्देश दिए हैं, मगर अपने जिले में काम शुरू नहीं कराया गया है। यदि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप तय समय में बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरे नहीं हो सके तो इस बार भी बाढ़ का दंश झेलना पड़ सकता है।
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शारदा नदी के दाहिने किनारे पर शारदा डैम के सामने की ओर नगरियाखुर्द कलां में एक बाढ़ नियंत्रण कार्य संबंधी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। आला अफसरों के स्तर से टेंडर प्रक्रिया सहित अन्य विभागीय कार्रवाई पूरी की जा रही है ताकि समय से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा सके।
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ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड।
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