पीलीभीत। ई-टेंडरिंग में सिर्फ पंजीकृत ठेकेदारों के भाग लेने से शासन को लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा था। ठेकेदारों की संख्या कम होने के कारण प्रतिस्पर्धा का भाव भी कम हो रहा था। लिहाजा शासन ने अब अपंजीकृत ठेकेदारों को सहूलियत देते हुए ई-टेंडरिंग में किसी भी ठेकेदार के भाग लेने की अनुमति दे दी है। बस उन्हें कार्य करने के लिए तकनीकि और वित्तीय अर्हता रखनी होगी।
अफसरों के मुताबिक ई-टेंडरिंग लागू होने के बाद भी निकायों में टेंडर लेने के लिए सिर्फ पंजीकृत ठेकेदार ही अधिकृत थे। वहीं ई-टेंडरिंग का नियम है कि देश के किसी कोने का ठेकेदार इसमें शामिल हो सकता है। दोनों ही नियम एक दूसरे के विरोधाभासी थे। जिसको लेकर आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। वहीं ठेकेदारों की संख्या कम होने से उनके बीच प्रतिस्पर्धा भी कम हो रही थी। इससे शासन को प्रतिस्पर्धा वाले रेट नहीं मिलने से घाटा हो रहा था। इसे देखते हुए शासन ने निकायों में होने वाले कार्यों के लिए किसी भी ठेकेदार को निविदा डालने की छूट दे दी है। अब इसके लिए पालिका या नगर पंचायत में पंजीकरण आवश्यक नहीं होगा। बस उन्हें कार्य के अनुसार तकनीकि और वित्तीय अर्हता रखनी होगी।