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सिस्टम बेहाल: पीएम आवास योजना में लगा भ्रष्टाचार का घुन.. पात्रों की सुनवाई नहीं

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पीलीभीत। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अफसर आवासों से निकलना शुरू कर दिया है। जनता से संवाद भी कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम आज भी पुराने ढर्रे पर है। लिहाजा गरीबों को पक्का आवास देने के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) में भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। विभाग के कुछ जिम्मेदार अफसरों की नाकामी की वजह से सरकारी कर्मचारियों ने प्रधानों और वार्ड मेंबरों से साठगांठ कर अपात्रों को इसका लाभ दिलाने के लिए इस योजना को कमाई का जरिया बना लिया है। कई मामलों में तो अफसर प्रधान से लेकर सचिव और सभासदों पर रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। फिर भी वसूली और अपात्रों को लाभ देने की शिकायतें नहीं थम रहीं हैं। शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने तो अफसरों की मिलीभगत के कारनामों की डीएम के सामने पोल खोल दी। स्पष्ट कहा प्रधान, रोजगार, सेवक और सचिवों ने अपने सगे संबंधियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियम कायदे ताक पर रखकर दिए हैं। वास्तविक पात्र परिवार आज भी आवास से वंचित हैं।
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पूरनपुर के न्यूरिया मलपुर निवासी नंदरानी ने शुक्रवार को डीएम को साक्ष्य सहित दिए शिकायत पत्र में प्रधान और सचिव की मिलीभगत से सूची में नाम होने के बाद आवास से वंचित करने का आरोप लगाया। कहा कि प्रधानी चुनाव में वोट नहीं देने की वजह से उसके अलावा कई लोगों को आवास योजना से वंचित कर दिया गया है।
न्यूरिया निवासी पातीराम, मेवराम समेत करीब तीस ग्रामीणों ने प्रधान और रोजगार सेवक पर पर अपने संबंधियों को आवास का लाभ दिलाने की शिकायत कई बार अफसरों से की, लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच कराना तक अफसरों ने मुनासिब नहीं समझा। उक्त गांव में कई गरीब परिवार आज भी छत पाने को तरस रहे हैं।
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पूरनपुर की ग्राम पंचायत पिपरा मुजप्ता में कई ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिला दिया गया जो लंबे समय से गांव में नहीं रहते। यहां के ग्रामीण विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार ने आदि डीएम से इस मामले की शिकायत कर चुके है। प्रघान, रोजगार सेवक की मिलीभगत से खेल को अंजाम दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
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प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों से किसी भी तरह की वसूली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगी। इसको लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अनिल कुमार, पीडी
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