पीलीभीत। शिकारियों के बिछाए जाल में फंसे तेंदुए को भले ही समय रहते जाल से आजादी मिल गई हो, लेकिन तेंदुआ अब कभी जंगल में आजाद नहीं घूम सकेगा। रेस्क्यू के बाद दो दिन से पिंजरे में कैद तेंदुए का अब नया ठिकाना कानपुर चिड़ियाघर होगा। उम्र अधिक होने और एक दांत टूट जाने के चलते अफसरों ने यह निर्णय लिया है। शुक्रवार की तड़के सुबह अफसरों की निगरानी में तेंदुए को कानपुर वन्य प्राणी उद्यान के लिए रवाना किया जाएगा।
टाइगर रिजर्व की सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में मंगलवार को शिकारियों के बिछाए जाल में एक नर तेंदुआ फंस गया था। आबादी से सटे जंगल के रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के स्थानीय कर्मी मौके पर पहुंच गए थे। निकालने के प्रयास भी किए गए, लेकिन सफल न होने पर इसकी सूचना आला अफसरों को दी गई। मौके पर पहुंचे अफसरों की मौजूदगी में जाल में बुरी तरह फंसे तेंदुए का रेस्क्यू किया गया। करीब पांच घंटे तड़पने के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद किया गया। इसके बाद बराही गेस्ट हाउस लाकर जाल को हटाया गया। चिकित्सकों की टीम ने परीक्षण किया। इसमें तेंदुए की उम्र नौ से दस साल के बीच होने की बात कही गई। अधिक उम्र और उसका एक दांत टूटा होने की वजह से अफसरों ने उसे जंगल में न छोड़ने के बजाए कानपुर चिड़िया घर भेजने का निर्णय लिया है।
तेंदुए की उम्र अधिक है। एक दांत भी टूटा हुआ है। ऐसे में चिकित्सकों के अनुसार तेंदुए को जंगल में छोड़ना उचित नहीं रहेगा। तेंदुए को कानपुर स्थिति वन्य प्राणी उद्यान भेजने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार सुबह परीक्षण के बाद उसको विभागीय निगरानी में रवाना कर दिया जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व