पीलीभीत। सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में शिकारियों के जाल में फंसे तेंदुए का एक दांत भी टूटा पाया गया हैै। इसके बाद ऐसी चर्चा है कि जाल में फंसने से लेकर रेस्क्यू होने तक तेंदुए का दांत टूटा होगा, लेकिन अफसरों की माने तो दांत रेस्क्यू के दौरान नहीं बल्कि पहले से ही टूटा है। परीक्षण में तेंदुए की उम्र करीब आठ से दस वर्ष होने बताई जा रही है। उम्र के पड़ाव के चलते पहले से ही दांत टूटने का दावा किया जा रहा है। वहीं शरीर के अन्य अंग भी सुरक्षित है। अभी छोड़ने को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बराही रेंज के सेल्हा बीट में मंगलवार सुबह शिकारियों द्वारा बिछाए जाल में एक तेंदुआ फंसा होने की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद मौके पर पहुंचे अफसरों ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया था। इसके बाद बराही गेस्ट हाउस लाकर उसका परीक्षण किया गया। इस दौरान तेंदुए का एक दांत टूटा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद यह चर्चा शुरू हुई कि जाल में फंसने से लेकर रेस्क्यू तक यह दांत टूटा होगा, लेकिन अफसरों ने दांत टूटने को विभागीय लापरवाही नहीं माना है। अफसरों के मुताबिक परीक्षण के बाद तेंदुए की उम्र करीब आठ से दस साल के बीच होना पाई गई है। उम्र के पड़ाव के चलते स्वाभाविक रूप से पहले ही तेंदुए का दांत टूट गया था। रेस्क्यू के दौरान उसका दांत नहीं टूटा है। परीक्षण में भी चिकित्सकों ने इस बात को स्पष्ट किया है। फिलहाल अफसर मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच करने की बात कह रहे है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि तेंदुए का दांत रेस्क्यू के दौरान नहीं टूटा था। अधिक उम्र के पड़ाव के चलते स्वाभाविक रूप से पहले ही दांत टूटा गया था। परीक्षण में भी ताजा टूटने की बात सामने नहीं आई है। जांच में कराई जा रही है। तेंदुए की औसत आयु लगभग 10 से 12 वर्ष होती है।