पीलीभीत। महिलाओं पर हो रहा उत्पीड़न रोकने और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में राज्य महिला आयोग की सदस्य शशिबाला भारती ने जनसुनवाई कार्यक्रम में समस्याएं सुनीं। अधिकांश महिलाओं का आरोप था कि उनकी सुनवाई न पुलिस कर रही न ही अफसर। इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए महिला आयोग की सदस्य ने पुलिस अफसरों को सजगता और गंभीरता से महिलाओं के मामले निपटाने को कहा।
जन सुनवाई के दौरान अंगुरी देवी, फरीद बी, शबनम, शैली सक्सेना, आकांक्षा आदि ने अपनी समस्याएं रखीं। अधिकतर महिलाओं ने कहा कि वे घरेलू हिंसा का शिकार हैं। उनके पति केवल उन पर धौंस जमाते हैं विरोध पर उनकी पिटाई तक होती है। महिलाओं ने कहा कि उनकी सुनवाई पुलिस नहीं करती। बड़े अफसरों की चौखट पर भी सुनवाई लगभग न के बराबर हो रही है। इस पर आयोग की सदस्य ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं से संबंधित किसी भी मामले में ढिलाई न बरती जाए। इसके अलावा तीन माह में प्राप्त महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की समीक्षा की। महिलाओं और किशोरियों के साथ सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी सेंटर मैनेजर मीनाक्षी पाठक, आस्था, सोनम शर्मा, विधि सहायक लता शर्मा, एसओ महिला थाना, अमरिया एसओ पुष्कर सिंह आदि उपस्थित रहे।