पीलीभीत। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद भी प्रधान और सचिव लाभार्थियों से वसूली करने में लगे है। पिछले दिनों भ्रष्टाचार के मामले में रिटायर्ड सचिव समेत तीन के खिलाफ गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, माना जा रहा था कि बेलगाम प्रधान सचिवों की कार्यशैली में सुधार होगा, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा। लिहाजा अब लाभार्थी से आवास और शौचालय के नाम पर वसूली करने के मामले में डीएम ने करगैना गांव की प्रधान की पॉवर सीज कर दी है। नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
मामला अमरिया ब्लॉक के करगैना करगैनी ग्राम पंचायत का है। यहां के लाभार्थियों ने डीएम वैभव श्रीवास्तव से शपथ-पत्रों के साथ साक्ष्य देते हुए प्रधान सबाना बेगम और प्रधान पति सलीम पर प्रधानमंत्री आवास में 60 हजार और शौचालय में पांच हजार रुपये तक की अवैध वसूली का आरोप लगाया था। यह भी आरोप था कि जो गरीब परिवार धनराशि नहीं दे सका उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम अमररिया और बीडीओ अमरिया को शामिल किया। जांच अधिकारियों ने सभी आठ लाभार्थियों के बयान लेकर जांच पूरी की और इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। जांच में अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने प्रधान सबाना बेगम की पॉवर सीज कर दी है।