पूरनपुर। शारदा नदी की मुख्यधारा का रुख बदलने से फिलहाल राहुलनगर के आबादी क्षेत्र में कटान से राहत मिल गई है, लेकिन नदी कृषि भूमि को तेजी से अपने आगोश में समेट रही है। आबादी में कहीं फिर से कटान शुरू न हो जाए, इसको लेकर गांव के लोग चिंतित है।
शारदा नदी गांव राहुलनगर से करीब आधा किलोमीटर दूर बहती थी। गांव के समीप शारदा नदी से निकला एक नाला बहता था। पखवाड़ा भर पहले नदी की धार बदल गई। वजह यह थी कि मुख्य धार की ओर जंगल से भू कटान में बहकर आए कई पेड़ फंस गए। नदी के मुख्य बहाव के रास्ते पर रेत जमा हो गई। इससे नदी गांव राहुलनगर के समीप से निकले नाले में बहने लगी थी। करीब एक किलोमीटर नाले में बहकर नदी फिर अपनी पुरानी धार में मिल रही थी। नदी का रुख बदलने पर गांव राहुलनगर में शारदा ने जमकर तबाही मचाई। हजारों एकड़ कृषि भूमि व जंगल नदी में समा गए। 16 लोगों के घर नदी में बह गए। गांव की आबादी के समीप हो रहे भू कटान को रोकने के लिए प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी। पिछले दो दिन से आबादी में नदी के भू कटान की गति धीमी हुई। अब नदी राहुलनगर गांव के बाहर कृषि भूमि का तेजी से कटान कर रही है। इसके अलावा नदी कब आबादी में भू कटान शुरू कर दें, या फिर जलस्तर बढ़ने पर गांव में कब बाढ़ के हालात बन जाए को लेकर राहुलनगर के लोग दहशत में है।
नदी के मुख्य रास्ते में वृक्ष फंसने और रेत अधिक होने पर नदी की धार बदल गई थी। नदी गांव राहुलनगर के समीप से निकले सुतिया नाले में बहने लगी थी। अब नदी का मुख्य रास्ता साफ होने से नदी की धार में परिवर्तन आना शुरू हुआ है। इसके अलावा गांव के समीप बह रही नदी ने अपने बहाव की जगह बना ली है। आबादी के समीप हो रहे भूकटान को रोकने को वचाव कार्य हुए। इससे नदी का आबादी में भूकटान थम गया है। गांव से कुछ दूरी पर कृषि भूमि का भू कटान हो रहा है। - चंद्रभानु सिंह, एसडीएम