पीलीभीत। सड़क दुुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। नई व्यवस्था के तहत रोडवेज बस ड्राइवर भी अब सीट बेल्ट लगाएंगे। बसों की फिटनेस से लेकर सफाई, वायरिंग, अग्निशमन यंत्र आदि सभी मानकों का ख्याल रखना होगा। विभागीय टीमें भी रास्ते में चेकिंग कर ऐसा नहीं करने वाले ड्राइवरों को पहले चेतावनी देंगी, फिर भी न सुधरे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, शासन के निर्देश पर पीलीभीत डिपो की 95 बसों में मुसाफिरों को सुरक्षित और आरामदायक सफर कराने के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कने की कवायद शुरू की गई है। टीआई रास्ते में चेकिंग कर बसों की फिटनेस और स्थिति के अलावा चालकों-परिचालकों की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। अफसरों की ओर से भी मुसाफिरों को मुहैया कराई जाने वाली सहूलियतों को परखा जा रहा है। चालकों को सीट बेल्ट लगाए जाने के विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक बस में साफ-सफाई, अग्निशमन यंत्र, वायरिंग, सीटों, बॉडी, डैश बोर्ड की हालत, खिड़कियों के शीशे टूटे-फूटे या कम तो नहीं हैं, बैक लाइट, टायरों और साइड इंडीकेटर की दशा का ख्याल रखा जा रहा है। कोई भी कमी मिलने पर उसे तत्काल दुरुस्त कराने की चेतावनी दी जा रही है।
बस स्टैंड परिसर में प्लास्टिक और पॉलिथीन पर प्रतिबंध
शहर के रोडवेज बस स्टैंड में प्लास्टिक व पॉलिथीन से बनी वस्तुओं पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब बस स्टाप परिसर में ऐसी प्लास्टिक व पॉलिथीन की वस्तुएं प्रयोग नहीं की जा सकेंगी जिसे शासन से प्रतिबंधित किया गया है। इसमें 50 माइक्रोन से कम वाली प्लास्टिक, पॉलिथीन और थर्माकोल शामिल है। इसके लिए वॉल राइटिंग तथा बैनर, पोस्टर के जरिए जागरूकता फैलाने के निर्देश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने दिए हैं।
हमारे यहां 80 फीसदी बसों में सील्ट बेल्ट लगी हैं। चेकिंग के दौरान सील्ट बेल्ट की स्थिति जांचने और इसका प्रयोग कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बसों की फिटनेस, यात्री सुविधाओं की जांच कर खामियां दुरुस्त कराने को कहा गया है। मानकों का पालन नहीं करने वाले चालकों-परिचालकों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
- वीके गंगवार, एआरएम, पीलीभीत डिपो