पीलीभीत। नगर पालिका परिषद की ओर से जारी अवैध कब्जेदारों की सूची में विधायक का नाम शामिल होने की गाज आखिर संपत्ति प्रभारी पर गिर ही गई। गलती स्वीकार कर दूसरी सूची जारी कर देने के बावजूद ईओ ने संपत्ति प्रभारी को निलंबित कर दिया है।
नगर पालिका प्रशासन ने 27 अगस्त को अपनी की बेेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कराने वाले 320 कब्जेदारों की सूची जारी की थी। 28 अगस्त को यह सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई गई थी। सूची में क्रमांक 235 पर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा का नाम दर्ज होने से अफरातफरी मच गई। विधायक ने ईओ वंदना शर्मा से कड़ी नाराजगी जताई और उन्हें नोटिस भी दे दिया। ईओ ने मामले की जांच की तो पता चला कि संपत्ति प्रभारी जकील खां की गलती से विधायक का नाम सूची में शामिल हो गया। संपत्ति प्रभारी ने न केवल अपनी गलती स्वीकार कर ली बल्कि अगले दिन संशोधित सूची भी समाचार पत्रों में प्रकाशित करा दी। इधर, ईओ ने विधायक को स्पष्टीकरण भेजकर इस मामले में संपत्ति प्रभारी की गलती बताई। इस बीच ईओ ने संपत्ति प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा था। अब सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुधवार को ईओ ने संपत्ति प्रभारी को निलंबित कर दिया। इसकी सूचना विधायक को भी दे दी गई है।
विधायक बोले- ये तो शुरुआत है
नगर पालिका ईओ ने संपत्ति प्रभारी जकील खां को निलंबित कर दिया है। इसकी सूचना मुझको ईओ से मिली है। इस कार्रवाई से मैं संतुष्ट नहीं हूं। इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हैं, उन पर भी कार्रवाई कराऊंगा। ये तो कार्रवाई की शुरुआत हुई है। - रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर
जांच में पाए गए दोषी, इसलिए की कार्रवाई
इस मामले में संपत्ति प्रभारी जकील खां पूरी तरह से दोषी पाए गए हैं। इसी को लेकर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
- वंदना शर्मा, ईओ नगर पालिका बीसलपुर
मेरी नहीं टाइपिस्ट की थी गलती
टाइपिस्ट की गलती की वजह से ये सब बखेड़ा हुआ। इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी। फिर भी मैंने गलती स्वीकारते हुए माफी मांगी थी। मुझे निलंबित करने का निर्णय गलत है। अधिकारियों का आदेश है, इसलिए पालन किया जाएगा।
- जकील खां, संपत्ति प्रभारी, नगर पालिका बीसलपुर