बीसलपुर (पीलीभीत)। दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के गझाड़ा गांव में ताजिये दफन करने की जगह को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। ताजियेदारों ने पूरी जगह पर ताजिये दफन करने की मांग की, जबकि प्रधान ने राजस्व विभाग की ओर से कराए गए समझौते के हिसाब से भूखंड के आधे हिस्से में दफन करने को कहा। सूचना मिलने पर एसडीएम सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बातचीत कर आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चंदपुरा और कनगवां से ताजिये का जुलूस निकलता है। इसमें करीब 12 ताजियेदार हैं। इन ताजियों को दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के गझाड़ा गांव में ग्राम समाज की करीब 22 एकड़ जमीन बंजर है। इसी जगह पर ताजिये दफन किए जाते हैं। बीते दिनों इस जमीन के आधे हिस्से को प्रधान मीना गंगवार ने खेल के लिए छोड़ने की मांग की थी। इस पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने तय किया कि आधा भूखंड ताजिये दफन करने के लिए और आधा खेल मैदान के लिए रखा जाएगा। हालांकि इसको लेकर अभी लिखापढ़ी नहीं की गई थी। मंगलवार को इसी के तहत सीमांकन करते हुए चूने से लकीर खींच दी गई थी। देर शाम ताजिये दफन होने के लिए पहुंचे तो विवाद की स्थिति बन गई। ताजियेदारों ने पूरी जगह में ताजिये दफन करने की बात कह दी। इसका प्रधान ने विरोध किया तो ताजियेदारों ने ताजिये दफन करने से ही मना कर दिया। उन्होंने मांग रख दी कि अधिकारी उनको पूरे 22 एकड़ की जगह ताजिया दफन करने के लिए देने की बात लिखकर दें। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम सौरभ दुबे, सीओ प्रवीण मलिक, तहसीलदार विजय त्रिवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। विवाद को निपटाने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। देर रात प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर वर्मा ने बताया कि मामला सुलझा लिया गया है, ताजिये दफन करा दिए गए हैं।