माधोटांडा। शारदा सागर डैम के छह सौ फुट की चौड़ाई वाले वर्जित क्षेत्र में बसे अवैध कब्जेदारों को एक बार फिर नए सिरे से सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रथम चरण में जीरो से दस किमी के दायरे में कब्जेदारों के अलावा कब्जे की स्थिति का भी उल्लेख किया जाएगा। सूची तैयार कर आला अफसरों के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
शारदा डैम की सुरक्षा की दृष्टि से छह सौ फुट तक का क्षेत्र वर्जित माना जाता है। इसको दरकिनार कर पूर्व वर्षों में जीरों से 22 किमी तक हुए अवैध कब्जे शुरू हो गए। कब्जेदारों ने झोपड़िया डालकर कब्जे कर लिए। हालांकि शुरुआत में ही शारदा सागर खंड ने आपत्ति जताई थी। कब्जे रोकने के लिए मुकदमे भी दर्ज कराए गए थे, लेकिन अभियंताओं के ट्रांसफर होने के चलते अवैध कब्जों की भरमार होती चली गई। इधर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ अवैध कब्जों को लेकर सख्त हुए। तो एंटी भूमाफिया अभियान के तहत कब्जेदारों को सूचीबद्ध करना शुरू किया तो कब्जेदारों में अफरातफरी मच गई। इस कार्रवाई में करीब 574 से अधिक अवैध कब्जेदारों को सूची में शामिल किया गया था। कार्रवाई पूरी कर सूची एनआईसी पर डाल दी गई थी, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। जिसके चलते अतिक्रमण बढ़ता गया और पक्के निर्माण होने लगे। कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके पास दूसरी जगह भी जमीन है, लेकिन खेती करने के उद्देश्य से जमीन वर्जित क्षेत्र में बनी रही और बाहर से आने वाले लोगों के हाथ बिक्री करना शुरू कर दिया।
नई प्रक्रिया के तहत हो रही कार्रवाई
एसडीएम कलीनगर की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे अवैध कब्जेदारों को नए सिरे सूचीबद्ध करने निर्देश जारी किए गए। जिसके बाद शारदा सागर के अधिशासी अभियंता हरीश चंद यादव ने जिलेदार, सींचपालों को निर्देशित किया है। इसके लिए दो किमी में अलग-अलग सिंचाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पूर्व में बनाई गई सूचियां में संशोधन किया जा रहा है। जिसमें किस कब्जेदार के पास कितनी भूमि है, झोपड़ी है या पक्का निर्माण कराया गया है। इन सब बिंदुओं का उल्लेख किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग की ट्रांसफर भूमि पर भी चल रही कार्रवाई
सिंचाई विभाग ने अपनी 1171 एकड़ फालतू भूमि को भूमिहीनों को पट्टे पर आवंटित करने के लिए राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दी थी, लेकिन भूमिहीनों की आड़ में सैकड़ों भूमाफिया भी बसे हुए है। जिनके पास दूसरे स्थानों पर भी जमीनें हैं। ऐसे में उस भूमि पर अवैध कब्जेदारो का ब्यौरा भी राजस्व कानूनगो व लेखपालों से मांगा गया है यह भी कार्रवाई राजस्व कर्मियों के स्तर से जारी है।
शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र के अवैध कब्जेदारों की नए स्तर से सूचियां बनाई जा रही हैं। जिसमें कब्जे की स्थिति का भी उल्लेख शामिल है। अफसरों के निर्देश पर पूर्व में बनाई गई सूचियों को संशोधित करना शुरू कर दिया गया है।
- सुरेंद्र पाल सिंह, जिलेदार, शारदा सागर खंड