पीलीभीत। जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के सरकार व जिला प्रशासन के दावे फिलहाल धरे रह गए। वजह प्रस्तावित जमीन विवादित निकली है। फिलहाल प्रशासन ने दूसरी जगह जमीन तलाशने की कवायद शुरू कर दी है। खास बात यह है कि पिछले दिनों प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद करीब 14 लाख की पहली किस्त भी शासन ने आवंटित कर दी थी।
पीलीभीत-बरेली हाईवे पर शाही के पास ओसवाल चीनी मिल की खाली पड़ी करीब 12 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोला जाना था। इसको लेकर लंबे समय से चल रही कवायद भी काफी आगे बढ़ गई थी। कुछ दिन पूर्व शासन से 14 लाख रुपये की पहली किस्त आवंटित होने पर माना जा रहा था जल्द ही मेडिकल कॉलेज खुलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जिला प्रशासन और शहर विधायक ने भी इसको लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी। इस बीच जमीन के न्यायालय में विचाराधीन होने का पता चलने पर मेडिकल कॉलेज की आस लगाए बैठे लोगों को बड़ा झटका लगा। इसका पता चलने पर जिला प्रशासन ने भी बिना किसी देरी के दूसरी जगह जमीन तलाशने की कवायद शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल अपग्रेड करने की चर्चा जोरों पर
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए जिला पुरुष व महिला अस्पताल को 200 से 300 बेड वाले अस्पताल के रूप में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के बाद भी अपग्रेड किए जाने की चर्चा जोरों पर रही।
लंब समय से चल रही थी कवायद
शहर से करीब दस किलोमीटर दूर ओसवाल चीनी मिल पर राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पिछले कई सालों से प्रयास चल रहा था। इस बीच केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इसको लेकर कवायद तेजी से शुरू की गई। शहर विधायक संजय गंगवार ने भी जनपद वासियों से मेडिकल कॉलेज की सौगात देने का वादा पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसमें काफी हद तक उनको कामयाबी भी मिली। सरकार ने 14 लाख की पहली किस्त आवंटित की।
फिलहाल मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित जमीन के विवादित होने की जानकारी मिली है। अब दूसरी जगह निर्धारित दायरे में जमीन तलाशने की कवायद तेजी के साथ शुरू कर दी गई है। शासन को भी अवगत करा दिया है।
-वैभव श्रीवास्तव, डीएम