पीलीभीत। दिन में हुई बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ कर रख दी। पॉश कॉलोनियों समेत कई मोहल्लों में जलभराव हो गया तो शहर की प्रमुख सड़कें भी पानी से लबालब हो गईं, कुछ घरों में पानी भी घुस गया।
इस बार मौसम का मिजाज लगातार बदलने के बाद भी जिले में बारिश न के बराबर हो रही है। अकसर आसमान में काले बादल तो छाए रहते हैं लेकिन बारिश नहीं होती। सोमवार को दिन में शहर में झमाझम बारिश हुई। गर्मी से लोगों को निजात मिली, लेकिन बारिश ने शहर के हालात बद से बदतर कर डाले। करीब डेढ़ घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल नजर आया। पानी निकासी को बने नाले उफना गए। जिसके चलते शहर की करीब कई पॉश कॉलोनियों में पानी भर गया। निचले स्थानों पर बसे करीब 20 से अधिक मोहल्लों में भी भारी जलभराव हो गया। मुख्य सड़कों पर तो दो से तीन फुट तक जलभराव हो गया। जब बारिश थमी तब कहीं जाकर शहर की सड़कों पर चहल पहल नजर आई।
पॉश कालोनियों भी बन गई तालाब
बारिश के चलते शहर की अशोक कॉलोनी, एकता नगर कॉलोनी, नकटादाना कॉलोनी, बल्लभनगर कॉलोनी, शारदा कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी में भारी जलभराव हो गया। इसमें सबसे ज्यादा बुरे हालात बल्लभनगर, नकटादाना कॉलोनी और शारदा कॉलोनी के दिखे। इन तीन कॉलोनियों में सड़कें तो डूबी ही, साथ ही कई घरों में पानी भी घुस गया।
दो से तीन फुट तक डूबी सड़कें
सड़कों के हालात भी बदतर रहे। स्टेशन रोड, चीनी मिल रोड, गांधी स्टेडियम रोड, जेपी रोड, चौक बाजार रोड पर जगह-जगह पानी भर गया। दो से तीन फुट पानी होने से कई कार और बाइकसायलेंसरों में पानी भरने से बीच सड़क में ही बंद हो गईं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्टेशन रोड पर हुई।
इन इलाकों में हुआ जलभराव
मोहल्ला सुनगढ़ी, नई बस्ती, शेरमोहम्मद, मोहम्मद वासिल, शेरों वाली मठिया, पकड़िया, फीलखाना, बेनीचौधरी, पंजाबियान, राजीव कॉलोनी, जोशी कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी, कुंवरगढ़ आदि।
नाला सफाई में खानापूरी से बनी जलभराव की समस्या
शहर में पानी निकास के लिए 30 से अधिक छोटे बड़े नाले हैं। इस बार बोर्ड ने फंड की कमी के चलते नाला सफाई का ठेका न देकर पालिका ने अपने संसाधनों से ही नाला सफाई कराई, लेकिन नाला सफाई के नाम पर भी खानापूरी कर ली गई। बताते हैं कि बाद में पांच नालों की सफाई में तो पूरी तरह से गोलमाल किया गया। यही वजह है कि मामूली बरसात में ही शहर में जलभराव हो जाता है।
किसानों के चेहरे खिले
कई दिनों से मौसम की बेरुखी झेल रहे किसानों के चेहरे सोमवार को खिले दिखाई दिए। इन दिनों धान की फसल को पानी की अत्याधिक आवश्यकता होती है। हालांकि यह बारिश शहर के आसपास क्षेत्रों में ही हुई। बारिश के चलते धान के खेतों में दूर-दूर तक पानी भरा देखा गया।
शहर में पानी निकास की बढ़िया व्यवस्था हो तो जलभराव की समस्या नहीं होगी, लेकिन यहां तो पूरी निकासी व्यवस्था ही ठप है।
- मोहित सक्सेना, फीलखाना
मामूली बरसात में ही शहर में अव्यवस्थाओं की बाढ़ आ जाती है। नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि वे पानी निकास की व्यवस्था को दुरुस्त करे।
-मनोज गंगवार, एकतानगर
नालों की सफाई में खानापूरी की जाती है। सुनगढ़ी मोहल्ले का ही हाल देखें तो शहर में होने के बावजूद मामूली बारिश में पूरा मोहल्ले में हर सड़क पानी से भर जाती है।
- शादीलाल, सुनगढ़ी
बारिश के दौरान पालिका टीम को अलर्ट कर दिया गया था जहां-जहां पानी निकास अवरुद्ध था, वहां पानी का निकास करवाया गया। जिन मोहल्लों या कॉलोनियों में जलभराव हुआ था, वहां आधे घंटे में पानी स्वत: नालों के जरिए निकल गया।
- निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद