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सनेडी तटबंध के निकट छह
घरों के मुहाने पर पहुंची शारदा
क्रासर
गभिया सहराई क्षेत्र में धीमी गति से कटान जारी, अस्थाई कार्यो में घपलेबाजी का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। गभिया सहराई में शारदा नदी का कटान सोमवार को भी धीमी गति से जारी रहा। नदी गभिया सहराई से नलडेंगा क्षेत्र तक लंबाई में कटान कर आबादी की ओर बढ़ रही हैं। यहां नदी ठोकरों से टकराकर आधा दर्जन किसानों के आशियानों के करीब पहुंच रही है। कटान की स्थिति देख किसान भयभीत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्थायी कार्यों के नाम पर की घपलेबाजी की गई, नतीजतन नदी कटान कर रही है। जिससे मार्जिनल बांध को भी खतरा हो सकता है।
शारदा का जलस्तर कम होने के बाद से ही नदी ने गभिया सहराई क्षेत्र को अपने निशाने पर ले लिया है। यहां नदी भूकटान कर आबादी की ओर बढ़ रही है। नदी डैम की सुरक्षा को बनाए सनेंडी तटबंध की ठोकरों से टकरा रही है। चार दिन पूर्व ठोकरों से टकराकर नदी की धार नलडेंगा क्षेत्र की ओर भी बढ़ गई। इसके बाद नदी गभिया सहराई से नलडेंगा क्षेत्र तक लंबाई में किसानों की भूमि का कटान कर रही हैं। लगातार कटान कर आबादी की ओर बढ़ रही नदी किसान निमाई मजूमदार, निताई मंडल, मंटू मजूमदार, गौरंग मंडल समेत आधा दर्जन किसानों के आशियाने के मात्र चार फुट दूरी पर रह गई है, लेकिन इस आस के साथ वह अपने आशियाने नहीं उजाड़ रहे हैं कि नदी की धार पत्थर की बनी ठोकरों से टकराकर दूसरी ओर ओर चली जाएगी। इधर ग्राम प्रधानपति शंकर राय का कहना है कि बरसात से पूर्व अस्थायी कार्य के नाम में काफी खेल किया गया। जिसके चलते डीएम से भी शिकायत की गई थी। सुधार न होने का नतीजा यह निकला कि नदी ने कटान शुरू कर दिया है। कुछ घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में विभाग की ओर से कोई प्रयास नहीं किए गए तो मार्जिनल बांध को भी खतरा पैदा हो जाएगा। सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला ने बताया कि विभाग के अधीन क्षेत्र में नदी के कटान पर पूरी नजर रखी जा रही है।