फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आश्वासन ही मिलते रहे, अस्तित्व में नहीं आ सका माधोटांडा ब्लॉक

विज्ञापन
विज्ञापन
माधोटांडा (पीलीभीत)। अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई जनपदों में नए ब्लॉकों की न केवल घोषणा की बल्कि इनकी अधिसूचना भी जारी करा दी। जिले के माधोटांडा में भी नए ब्लॉक को लेकर दिसंबर 2016 को अधिसूचना जारी कर सृजन किया गया। नए ब्लॉक में बीडीओ समेत पंचायत सचिवों की भी तैनाती की गई, लेकिन प्रदेश में योगी सरकार के आते ही इस ब्लॉक को फ्रीज कर दिया गया। क्षेत्रवासियों के हो-हल्ला करने पर जनप्रतिनिधियों ने फ्रीज ब्लॉक को पुन: अस्तित्व में लाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक ब्लॉक को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते माधोटांडा सहित तराई क्षेत्र में विकास की रफ्तार थमी चल रही है।
विज्ञापन


नए ब्लॉक में 63 ग्राम पंचायतें की गईं थी शामिल
पूरनपुर ब्लॉक से न्याय पंचायतों को माधोटांडा ब्लाक में शामिल किया गया। जिसमें भगवंतापुर, चांदुपुर, माधोटांडा, जमुनिया, शिवनगर व अभयपुर शाहगढ़ न्याय पंचायत शामिल की गईं। उस दौरान इस ब्लॉक में 63 ग्राम पंचायतें और 170 राजस्व गांव शामिल किए गए थे। माना जा रहा था कि जो क्षेत्र पिछले कई दशकों से विकास के मामले में पिछड़े हुए थे, उसमें अब विकास की किरण पहुंच सकेगी। इस बीच हुए विधानसभा चुनाव में सपा सरकार सत्ता से बाहर हो गई और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनाए गए। भाजपा सरकार बनने के कुछ समय बाद ही माधोटांडा ब्लॉक को फ्रीज करते हुए आगे की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। जिससे क्षेत्रवासी नाराज हो उठे। आक्रोश को शांत करने को स्थानीय विधायक बाबूराम पासवान ने घोषणा करते हुए कहा था कि नवसृजित ब्लॉक माधोटांडा में ही रहेगा और कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। इधर सरकार बने लंबा समय बीत चुका है, लेकिन कार्रवाई जहां की तहां थमी हुई है।
विज्ञापन

माधोटांडा ब्लॉक को पुन: चालू कराने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला प्रमुखता से रखा जाएगा।
-बाबूराम पासवान, विधायक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें