पीलीभीत। स्वच्छता मिशन को गति देने का दावा करने के बावजूद शहर में दो तरह की सफाई व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा है। बड़े अफसरों और रसूखदारों के घरों की चौखटें तो चमचमाती नजर आती हैं, लेकिन शहरवासियों के दरवाजों व मुख्य सड़कों पर दोपहर तक गंदगी के ढेर बजबजाते देखे जा सकते हैं। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को शहर में सफाई व्यवस्था की पड़ताल की तो तस्वीर कुछ यूं दिखी।
सीन एक
स्टेशन रोड पर सुबह से लग जाते हैं कूड़े का ढेर
शहर के स्टेशन रोड पर राजाबाग कॉलोनी के गेट पर अस्थायी डलावघर बनाया गया है। कॉलोनी व आसपास क्षेत्र का कूड़ा यहीं डाला जाता है, जो उठान न होने के चलते दोपहर तक बेतरतीब ढंग से पड़ा रहता है। शहरवासी इसी कूड़े के ढेर से होकर गुजरते हैं।
सीन दो
गौहनिया चौराहे के समीप कूड़ा बन रहा मुसीबत
शहर के स्टेडियम रोड के अंतिम छोर पर गौहनिया चौराहे के समीप सालों से कूड़ा डाला जा रहा है। इस रोड पर कई बड़े अस्पताल भी हैं और अधिकतर स्कूली बच्चे भी इधर से ही गुजरते हैं। यहां भी कूड़ा तब उठाया जाता है, जबकि रोड पर काफी भीड़भाड़ हो जाती है। कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध ने राहगीरों और व्यापारियों का जीना दूभर कर रखा है।
सीन तीन
रसूखदारों का जलवा, सफाई पर पूरा दिया जाता है ध्यान
संजय नगर कॉलोनी वार्ड नंबर सात में आती हैं। इस पॉश कॉलोनी में सदर विधायक समेत कई अन्य रसूखदारों के आवास हैं। इस वार्ड में रेलवे स्टेशन तक का एरिया आता है, लेकिन साफ सफाई चंद रसूखदारों के घरों के सामने से गुजरने वाली सड़कों पर देखने को मिलती है।
सीन चार
आफीसर्स कॉलोनी में तो सबकुछ चकाचक
आफीसर्स कॉलोनी में एडीएम से लेकर कई जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास हैं। यह कॉलोनी वार्ड नंबर पांच में आती है। खास बात यह है कि यहां की सड़कें सुबह से लेकर शाम तक चमचमाती रहती हैं। बृहस्पतिवार को भी यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद मिली।
सीमित संसाधनों के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के पूरे प्रयास किए जाते हैं। सफाईकर्मियों की अरसे से कमी बनी हुई है। प्रत्येक वार्ड में बेहतर साफ सफाई रखने को समय-समय पर निर्देशित किया जाता है। लापरवाही पर कार्रवाई भी की जाती है।
- विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
शहर में कुछ समय पहले तो सफाई व्यवस्था अच्छी थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से हर तरफ गंदगी ही गंदगी है। पालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-अमन जायसवाल, साहूकारा
सफाई व्यवस्था की कभी मॉनीटरिंग नहीं होती। जिसके मन में जो आता है, वहीं करता है। अधिकारियों को शहर की सफाई व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है।
-मयंक शर्मा, बागगुलशेर खां
सफाई व्यवस्था पर पालिका प्रशासन ज्यादा ध्यान दे। सफाई कर्मचारी खासी लापरवाही बरतते हैं। उन पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।
-शिवम कश्यप