पीलीभीत। जिला पंचायत के निर्माण कार्यों के लिए आमंत्रित की जाने वाली निविदाओं में अब मनमानी नहीं चलेगी। पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, आरईएस और अन्य विभागों के पंजीकृत ठेकेदार भी टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनुराग श्रीवास्तव ने आदेश जारी किया है।
इस आदेश में कहा गया है कि जिला पंचायत की निविदाओं में दूसरे विभागों में पंजीकृत ठेकेदार भी उसी श्रेणी में भाग लेंगे। ठेकेदारों से न्यूनतम निविदा प्राप्त होने पर संबंधित जिला पंचायत में पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क का डिमांड ड्राफ्ट ई-बैंकिंग के माध्यम से जिला पंचायत निधि में जमा कराया जाएगा। जिला पंचायत न्यूनतम निविदाकर्ता का पंजीकरण एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से करके टेंडर की शर्तों के अनुसार जमानत राशि जमा कराकर अनुबंध करेगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने जिला पंचायत के टेंडरों में इन प्रावधानों का सख्ती से पालन करने से पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, आरईएस, मंडी और अन्य विभागों के पंजीकृत ठेकेदारों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने से दरों का लाभ जिला पंचायत को मिलेगा। वर्तमान में सिर्फ जिला पंचायत के ही पंजीकृत ठेकेदार निविदा में हिस्सा लेते थे। ऐसे में अब नई व्यवस्था लागू होने से जिला पंचायत अध्यक्ष और एएमए की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। एएमए जागन सिंह का कहना है कि अब शासनादेश के आधार पर ही टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।