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ठेका सफाई कर्मी हटे, इलाके गंदगी से पटे

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बीसलपुर। नगर पालिका परिषद के 105 ठेका सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के बाद से नगर की सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां चोक हो गई हैं। पानी सड़कों पर फैल रहा है।
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पालिका प्रशासन ने 31 जुलाई को बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार सभी 105 ठेका सफाई कर्मचारियों को एक अगस्त से सेवामुक्त कर दिया। अब नगर की सफाई व्यवस्था नियमित कर्मचारियों के जिम्मे है। वे नगर को साफ-सुथरा रखने में नाकाम साबित हो रहे हैं। चार दिन में ही नगर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। खराब सफाई व्यवस्था का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। इस बाबत सफाई निरीक्षक वीरेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि 105 ठेका सफाई कर्मचारियों को एक साथ हटा देने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन एक सप्ताह के भीतर सफाई व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।

कूड़े के ढेरों और जलभराव से सड़कों से निकला मुश्किल
माधोटांडा। जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के प्रति संजीदगी को लेकर अफसर आए दिन दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर स्वच्छता अभियान दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। बरसात में माधोटांडा कस्बे की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। जगह- जगह सड़कों पर गंदगी फैली है। इससे ग्रामीणों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाए ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। आबादी क्षेत्र में फैली गंदगी बीमारियों को भी दावत दे रही है।
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ग्राम पंचायत की आबादी 21 हजार से भी अधिक है। गोमती नदी का उद्गम होने के चलते पूर्व से ही अफसर गांव में विशेष तौर से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते आ रहे हैं। अफसरों के कड़े निर्देश के बाद शुरूआत में तो अमल दिखा, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदल गई। कस्बे की कुछ ऐसी सड़के जिनसे निकलना भी मुश्किल है। सबसे बुरा हाल कस्बे में स्थित साधन सहकारी समिति सड़क का है। इस सड़क पर दूर तक कूड़ा व घूरों के ढेर लगे हुए हैं। बरसात के चलते जलभराव की स्थिति होने से सड़क की स्थिति और भी बदतर हो गई है। गंदगी के ढेर होने से संक्रामक रोग फैलने का भी खतरा बना हुआ है। इस सबके बावजूद ग्राम पंचायत से लेकर सोसाइटी के जिम्मेदारों तक गंदगी को दूर करने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

सीएम के प्रस्तावित दौरे की भनक लगते ही रातोंरात गंदगी हो गई थी दूर
पूर्व में सीएम का पीलीभीत आने के बाद माधोटांडा साधन सहकारी समिति का भी प्रस्तावित दौरा होने की भनक लगते ही अफसरों की बेचैनी बढ़ गई थी। पूरा अमला माधोटांडा पहुंच गया। गंदगी के ढेर देख अफसर नाराज हुए। रातोंरात इलाके को चमन कर दिया गया। अफसरों ने ग्राम पंचायत को इस मार्ग पर सोसायटी से लेकर जहां तक मार्ग की चौड़ाई है, खूबसूरत पौधरोपण कराने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अमल नहीं कर सके।

कस्बे की साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दिया जाता है। कुछ मार्ग पर मना करने के बावजूद ग्रामीण कूड़ा आदि डाल देते हैं। इसको लेकर उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी भी दी जाती है। गांव की सड़कों पर जहा भी गंदगी है, उसको दूर कराया जाएगा।- किरन सिंह, प्रधान, ग्राम पंचायत माधोटांडा
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