माधोटांडा/पीलीभीत। शारदा नदी के पार सीमावर्ती गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गईं हैं। कई दिन पूर्व उत्पात मचा रहे नेपाल के एक हाथी की दहशत के बीच चार और हाथियों की दस्तक ने किसानों की नींद उड़ा दी है। सोमवार रात जंगल से बाहर निकलकर हाथियों ने ढकिया गांव की सीमा में किसानों की काफी फसलें रौंद डालीं। हाथियों की संख्या बढ़ने की खबर मिलने पर नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने शारदा नदी के पार जाकर हकीकत को परखा। हालांकि अभी हाथियों पर अंकुश लगाने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
शारदा नदी के पार नेपाल से आया एक हाथी कई दिनों से उत्पात मचा रहा है। बराही रेंज के लग्गा भग्गा जंगल में रुककर हाथी रात होते ही ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा की ओर रुख कर किसानों की फसलें रौंद रहा है। इधर सोमवार रात नेपाल की ओर से चार अन्य हाथी भी लग्गा भग्गा क्षेत्र में पहुंच गए और रात होते ही ढकिया गांव में दस्तक दे डाली। एक साथ कई हाथियों को देख किसानों में दहशत फैल गई। हाथियों ने किसान राधे राना, सानू राना, नंदलाल राना, फिरुआ राना और बलराम राना की करीब एक एकड़ फसल को रौंद दिया।
नदी का जलस्तर कम होते ही कहीं इस पार न आ जाएं हाथी
शारदा नदी के पार नेपाल के हाथियों की आमद कई दशक पूर्व से जारी है। पूर्व में जहां जंगल का दायरा अधिक था वह हाथियों का कॉरिडोर माना जाता था, वर्तमान में उस क्षेत्र में सिर्फ लग्गा भग्गा का जंगल ही शेष बचा है। यही वजह है कि स्वभाव में बदलाव होने के चलते हाथी जंगल से बाहर आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। पूर्व में नेपाल के दो हाथी शारदा नदी के इस पार पहुंच गए थे। इन हाथियों ने रामपुर तक जमकर उत्पात मचाया था और कई लोगों की जान ले ली थी। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि हाथियों की नियमित रूप से निगरानी नहीं की गई तो जलस्तर कम होते ही वे शारदा नदी पार कर इस ओर भी आ सकते हैं।
कई दिनों से एक हाथी क्षेत्र में चहलकदमी कर रहा था। डर था कि कही और हाथी न आ जाएं वहीं हुआ हाथियों की संख्या बढ़ गई है। रात होते ही हाथी लगातार फसलें उजाड़ रहे है। ऐसे में हम लोगों का काफी नुकसान हो रहा है। - राधे राना, ग्रामीण
हाथियों की संख्या बढ़ने की जानकारी मिलते ही नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों को शारदा नदी के पार भेजा गया है। स्थिति को देखने के बाद जल्द ही बचाव के उपाय शुरू किए जाएंगे।
- वजीर हसन, रेंजर बराही