चिलावीपा इंटर कॉलेज में हुई गोष्ठी मेें शिक्षाविदों ने रखे विचार
डीएम ने शैक्षणिक प्रदर्शनी का अवलोकन कर किया बच्चों को प्रोत्साहित
चिरौंजीलाल वीरेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हुई शैक्षणिक गोष्ठी में शिक्षा को बेहतर ढंग से प्रभावी बनाने और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा की गई।
विद्या भारती विद्वत परिषद और प्रधानाचार्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है विषय पर शैक्षणिक गोष्ठी हुई। गोष्ठी में डीएम मासूम अली सरवर ने कहा कि हमारी गुरुकुल परपंरा केवल सैद्धांतिक ही नहीं थी, बल्कि प्रयोगशाला थी। व्यक्तित्व विकास की तब छात्र रटंत विद्या पर निर्भर नहीं थे। वे वैज्ञानिक दृष्टि से प्रयोग करते थे। छात्रों की प्रतिभा निखारने का कार्य गुरुजन जिस मेहनत से करते हैं उसका उल्लेख नहीं किया जा सकता। विद्या भारती के सहमंत्री करुणा शंकर शुक्ला ने कहा कि यदि हमारी शिक्षा नौकरी पाने के लिए है तो इससे जन कल्याण संभव नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक ओमप्रकाश ने कहा कि हमें उस परिवर्तन को लाना है, जो युवाओं को सुयोग्य नागरिक बनाए। विद्या भारती के शाहजहांपुर पीलीभीत खंड के निरीक्षक योगेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा ही नागरिक को सामाजिक प्राणी बनाती है। डॉ. प्रणव शास्त्री ने कहा कि अध्यापक वह कुम्हार है जो कच्ची मिट्टी तुल्य छात्रों को प्रदूषण चिलम या ठंडी सुराही बनाते हैं। गोष्ठी में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, प्रधनाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. धनपाल शर्मा आदि ने भी विचार रखेे।
इस दौरान डीएम ने हस्तलिखित परीक्षा का भी विमोचन किया। इससे पूर्व डीएम ने कॉलेज में चल रही शैक्षणिक प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों हौसला बढ़ाया। इस मौके पर तुलाई सिंह गंगवार, डॉ. अमित कुमार, शशिबाला गुप्ता, मिथिलेश पांडेय, रेनू अग्रवाल, सतेंद्र मोहन शर्मा, एनएम सक्सेना, रमाकांत शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, अखलाक हसन खां, गुरेेंद्र सिंह, वेदप्रकाश शुक्ला, परविंदर सिंह सैहमी आदि मौजूद रहे। समापन पर प्रधानाचार्य वीरेेंद्र मिश्र ने आभार जताया।