पीलीभीत। प्रेमिका और उसके पति को फंसाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचना एक युवक को महंगा पड़ गया। पत्नी की ओर से दर्ज एफआईआर में पुलिस ने छानबीन की तो अगवा युवक अपने घर पर ही मिल गया। सख्ती से पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर कार्रवाई करते हुए युवक को जेल भेज दिया। एसपी ने बीसलपुर पुलिस के गुडवर्क का खुलासा किया।
बीसलपुर कोतवाली के लौंगहा गांव निवासी कैकेई देवी ने तीन फरवरी को पति वीरपाल के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पति की खून से सनी शर्ट दिखाते हुए हत्या की आशंका जताई गई। एक दंपती पर शक जाहिर किया गया। मामला अपहरण और हत्या की आशंका से जुड़ा होने पर अधिकारियों ने गंभीरता से छानबीन करने के निर्देश दिए। सीओ प्रवीण मलिक की अगुवाई में एसआई ऋषिपाल सिंह ने टीम के साथ सुरागरसी की। इसमें घटना पर संदिग्धता उजागर हुई। सामने आए तथ्यों को लेकर पुलिस पड़ताल करती गई, इसके बाद शनिवार सुबह अगवा बताया जा रहा वीरपाल अपने ही घर पर सोता मिल गया। पुलिस उसको पकड़कर कोतवाली लाई और पूछताछ की, तो मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। शनिवार दोपहर एसपी अभिषेक दीक्षित, एएसपी रोहित मिश्र ने घटना का खुलासा किया। अपहरण की झूठी कहानी रचने पर वीरपाल को धारा 177,182,194,195,505 (1) ब और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
ये निकला अपहरण के पीछे छिपा सच
एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि छानबीन के दौरान सामने आया कि वीरपाल की पत्नी ने जिस महिला पर अपहरण कर हत्या का शक जताया था, उससे दो साल पहले वीरपाल का प्रेम प्रसंग हो गया था। उसको भगाकर वह रुद्रपुर उत्तराखंड में कुछ दिन रहा। फिर वापस आकर पत्नी और प्रेमिका दोनों को रखा। प्रेमिका और पत्नी के बीच विवाद होने लगे तो प्रेमिका अपने पति के साथ चली गई। प्रेमिका की तरफ से वीरपाल पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही थी। इसका पता लगने पर वीरपाल ने प्रेमिका और उसके पति को फंसाने के लिए अपनी पत्नी संग मिलकर योजना बनाई। वीरपाल घर में छिपा रहा और पत्नी को भेजकर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही हत्या की आशंका जता दी गई। पत्नी ने भी अपराध में साथ दिया। ऐसे में पत्नी की भी मुश्किल बढ़ सकती है।
अपहरण का मामला पूरी तरह से झूठा निकला है। प्रेमिका और उसके पति को फंसाने के लिए षड़य़ंत्र रचा गया था। इसका खुलासा कर आरोपी वीरपाल को जेल भेजा गया है। - अभिषेक दीक्षित, एसपी