पीलीभीत। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रामचंद्र ने मारपीट के एक मामले में सुनवाई के बाद पिता, तीन पुत्रों समेत पांच आरोपियों को दोषी पाकर तीन साल की कैद और प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
थाना न्यूरिया के गांव मोहनपुर के निवासी रघुवीर ने छह मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार छह मार्च की शाम चार बजे पुरानी रंजिश के चलते गांव के हरचरण, उसके तीन पुत्र दोदराम, विद्याराम उर्फ नन्हेलाल, वेदप्रकाश उर्फ बुद्धसेन और सुरेशचंद, लालता प्रसाद ने आकर गाली गलौज की। विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडे से मारपीट की गई। चीख पुकार सुनकर पीड़ित के भाई रामपाल, ताराचंद, गंगाराम, श्रीराम बीच बचाव कराने आए तो उनको भी मारा-पीटा। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धमकाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी लालता प्रसाद की मौत हो गई। इस कारण उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त कर दी गई। बाकी पांच आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया गया। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रामचंद्र ने दोषी पाकर तीन साल की सजा और प्रत्येक को दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पीलीभीत। मारपीट के एक अन्य मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह ने चार सगे भाइयों को दोषी पाकर चार साल कैद और प्रत्येक को 3500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड वसूल होने पर घायलों को भी क्षतिपूर्ति मिलेगी।
मामला दियोरियाकलां कोतवाली के टिहरी गांव का है। गांव निवासी मुन्नी देवी पत्नी वेदप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 24 अगस्त 2016 की रात करीब 10:30 बजे गांव के लालाराम के चार पुत्र गुड्डू, सोनू ,बबलू और मोनू शराब के नशे में उनके घर के बाहर आकर गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। बीच बचाव करने पर पीड़िता की बेटी प्रिया और प्रतिज्ञा से भी मारपीट की गई। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर पुलिस ने जांच की। विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह ने चारों भाइयों को दोषी पाकर सजा सुनाई।