बीसलपुर। विभागीय अनदेखी के चलते कस्बे का पशुसेवा केंद्र पिछले लगभग तीन वर्षों से बंद पड़ा है। इससे क्षेत्रीय पशुपालकों को काफी दिक्कत हो रही है।
कस्बे के पशुसेवा केंद्र के प्रभारी रामचंद्र लाल तीन वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद से अब तक विभाग ने उनके स्थान पर किसी नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं की। विभाग ने कामचलाऊ व्यवस्था के लिए पशुसेवा केंद्र चंद्रपुरा के प्रभारी दिनेश सक्सेना को यहां के पशुसेवा केंद्र का अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा था, लेकिन दिनेश सक्सेना यहां आते नहीं हैं।
ऐसे हालात में यहां का पशुसेवा केंद्र तीन वर्षों से बंद पड़ा है। पशुसेवा केंद्र बंद होने के कारण गांव की कुछ महिलाओं ने इसके परिसर में उपले पाथने शुरू कर दिए हैं, लेकिन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इस बीच जागरूक पशुपालकों ने विभागीय उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे पशुपालकों में विभाग के प्रति रोष है।
पशुसेवा केंद्र के बंद होने के कारण पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार झोलाछाप के यहां कराना पड़ रहा है। झोलाछाप पशुपालकों से काफी ज्यादा पैसा वसूल करते हैं।
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इन गांवों के लोगों को होती है दिक्कत
चुर्रासकतपुर, ललौर, मलकपुर, परेवा किसनी, मितेपुर, सोरहा, खकुमा, मोहम्मदपुर, रसूला, मीरपुर वाहनपुर , मुसेली, राजुपुर महादेवा, भैसटा जलालपुर, सिसैया जलालपुर, नवदिया भगत, नवदिया सितारगंज, अहिरवाड़ा, अभयपुर चैना, भगवंतपुर करोड़।
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पशु सेवाकेंद्र में प्रभारी की तत्काल नियुक्ति होनी चाहिए, जिससे बीमार पशुओं का ठीक तरह से उपचार हो सके।
- सुदेश कुमार, पशुपालक, अहिरवाड़ा
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पशुसेवा केंद्र में विभागीय उच्च अधिकारी जानबूझकर प्रभारी की नियुक्ति कर नहीं कर रहे हैं, जिसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है।
सुनीलकुमार, पशुपालक, गांव ललौर गुजरानपुर
विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है। इसी वजह से इस पशुसेवा केंद्र में अब तक किसी प्रभारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। पशुसेवा केंद्र चैनपुरा के प्रभारी दिनेश सक्सेना को इस पशुसेवा केंद्र का अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है। क्षेत्र के पशुपालकों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है।
-डॉ, योगेंद्र कुमार, डिप्टी सीवीओ, बीसलपुर