व्यवस्थाएं और बेहतर करने के दिए निर्देश
टाइगर सफारी व रेस्क्यू सेंटर पर भी दिखाई दिलचस्पी
टाइगर रिजर्व में बने प्रमुख पिकनिक स्थल चूका स्पॉट पर किसी मुख्यमंत्री का यह पहला दौरा था। मुख्यमंत्री ने यहां की प्राकृतिक वादियों का लुत्फ लेने के साथ ही लंच में चोखाबाटी का भी आनंद लिया। चूका स्पॉट पर 40 मिनट रुके। मुख्यमंत्री यहां की सुंदरता से अभिभूत दिखे। उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश भी वनाधिकारियों को दिए।
पीलीभीत के जंगलों को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने से कई साल पूर्व महोफ रेंज में चूका ईको पर्यटन केंद्र बनाया गया था। धीरे-धीरे इसकी व्यवस्थाएं बेहतर होती गई और आज यह टाइगर रिजर्व का सबसे प्रमुख केंद्र है। प्रतिवर्ष यहां हजारों की संख्या में सैलानी आते हैं, लेकिन किसी भी मुख्यमंत्री का यह पहला दौरा था। रविवार को दोपहर 3.10 बजे मुख्यमंत्री के काफिले ने चूका स्पॉट में प्रवेश किया और करीब 4.00 बजे वह चूका से बाहर आ गए। इस दौरान उन्होंने चूका में बनी विभिन्न हटों को देखा। शारदा डैम में बनी वाटर हट पर खड़े होकर उन्होंने डैम का नजारा देखा। इस दौरान उन्होंने इस क्षेत्र को पॉलीथिन मुक्त करने की बात कही। इस पर मुख्य वन संरक्षक अरविंद गुप्ता ने उन्हें बताया कि वन क्षेत्र में पहले से ही पॉलीथिन प्रतिबंधित है। इस दौरान उन्होंने ईको विकास समिति द्वारा संचालित कैंटीन में बने भोजन का आनंद लिया जिसमें दाल चावल के अलावा चोखाबाटी भी उन्हें खूब भाई। खाने के दौरान हुई चर्चा में मुख्यमंत्री ने जिले में प्रस्तावित टाइगर सफारी और रेस्क्यू सेंटर के बारे में जानकारी की। वन संरक्षक वीके सिंह ने उन्हें बताया कि दोनों के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। इनमें कुछ संशोधन कर पुन: प्रस्ताव मांगें गए हैं, जो जल्द भेज दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने टाइगर रिजर्व की व्यवस्थाएं और बेहतर करने के निर्देश दिए।
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