संसाधनों और व्यवस्थाओं का उपयोग कर उन्हें और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है यह नंदघर (मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र) में कृषक बंधु के सहयोग से उगाई जा रही जैविक सब्जियों को देखकर सीखा जा सकता है। नंदघर के खाली परिसर में उग रही सब्जियां केंद्र पर आने वाले कुपोषित बच्चों की माताओं को नि:शुल्क दी जा रही हैं ताकि बच्चों को हरी भरी सब्जियां मिल सकें।
केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों को वेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक रूप में बनवाया जा रहा है। शासन ने इन्हें नंदघर का नाम दिया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन नंद घरों के चारों ओर खाली परिसर छोड़ा गया है। इस परिसर का सही उपयोग करने की आइडिया किसानों एवं कुपोषण पर काम कर रही संस्था कृषक बंधु के जिला समन्वयक सतेंद्र कुमार आया और उन्होंने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक नंद घरों की आंगनबाड़ी को प्रेरित कर हरी सब्जियों का उत्पादन शुरू कराया गया है। नंद घरों में उगाई जा रही सब्जियों की सबसे बड़ी खासियत इनका पूरी तरह से जैविक होना है। बीज बोने से लेकर सब्जियां तोडने तक किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा या खाद स्प्रे आदि इसमें प्रयोग नहीं किया गया।