डॉक्टर बोले- महिला अस्पताल में लेकर जाओ
ई-रिक्शा चालक ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी के पास छोड़ दिया। पहले उन्होंने ई-रिक्शा चालक से महिला अस्पताल के पास छोड़ने के लिए कहा, तो उसने रास्ता बंद होने की बात कही। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और स्टाफ से भर्ती करने के लिए कहा, तो उन्होंने उसे महिला अस्पताल ले जाने की बात कही। जब अस्पताल पहुंचाने के लिए बोला तो किसी ने मदद नहीं की। और न ही महिला अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा।
सुमन की हालत बिगड़ती देख पार्क में बैठी महिलाओं ने उसका प्रसव कराया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। काफी देर के बाद अन्य लोगों के जरिये मामले की जानकारी महिला विंग के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार को मिली। वह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि मेरे पास एक वीडियो के माध्यम से जानकारी आई थी। इसकी जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. छत्रपाल सिंह को दी गई है। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।