- पिछले दिनों चिकिन पाक्स से कई बच्चे मिले थे पीड़ित
- स्वास्थ्य विभाग की टीम आज पहुंचेगी गांव में
खसरा की चपेट में आने से गांव निवासी जाबिर शाह के चार वर्षीय पुत्र मोहम्मद कामिल की मौत हो गई। बालक की मौत पर उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया। इसके अलावा गांव निवासी एक युवक सहित पांच बच्चे अभी भी खसरा की चपेट में हैं।
गांव में कुछ दिन पहले खसरा फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर टीकाकरण किया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच में चिकिन पॉक्स होना पाया था। उधर, गांव निवासी जाबिर शाह के चार वर्षीय पुत्र मोहम्मद कामिल की खसरा से रविवार की सुबह मौत हो गई, जिससे उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया। कामिल अपने भाई, बहनों में सबसे छोटा था। जाबिर शाह ने बताया कि उसके पुत्र मोहम्मद कामिल को शनिवार को अपरान्ह खसरे ने चपेट में ले लिया था। गांव के एक चिकित्सक के यहां इलाज कराया गया। चिकित्सक ने उसके पुत्र को खसरा होने की जानकारी दी। रविवार सुबह करीब चार उसके पुत्र की मौत हो गई। गांव में इसके अलावा रामकुमार का छह वर्षीय पुत्र अंकित, रामदयाल की सात वर्षीय पुत्री मोनी, गोकरन लाल का पांच वर्षीय पुत्र अमित कुमार, विजेंद्र कुमार की 11 वर्षीय पुत्री सोनी देवी और गांव निवासी तीस वर्षीय राजा खसरा की चपेट में हैं। गांव वालों का कहना है कि जानकारी के बाद भी सेहत महकमा अनजान बना हुआ है।
कुछ दिन पहले गांव में खसरा फैलने की सूचना पर टीकाकरण कराया गया था। तब जांच में बच्चों में चिकिन पाक्स निकला था। गांव में खसरा की चपेट में बच्चों के होने की जानकारी अभी किसी ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी है। सोमवार को गांव में टीम भेजी जाएगी।
- डॉ. मोहम्मद असलम, एमओआईसी पूरनपुर