गजरौला। बारिश के चलते मजदूर के घर की दीवार गिरने से बच्ची की मौत के बाद ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार वालों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। एसडीएम ने भी राजस्व टीम के साथ पहुंचकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
थाना क्षेत्र के गांव सुहास में शुक्रवार सुबह हादसे के वक्त मजदूर लक्ष्मण प्रसाद और अन्य सदस्य घर के भीतर ही थे। उनके दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। सभी बेफ्रिक थे। अचानक दीवार ढहने पर तेज आवाज आई तो परिवार के लोग बाहर की ओर दौड़ पड़े। आसपास के ग्रामीण भी आ गए। तीन वर्षीय मासूम हर्षित जोर-जोर से रो रहा था। वह बड़ी बहन मीनाक्षी के नहीं दिखने से परेशान था। परिवार और ग्रामीणों को मीनाक्षी के मलबे में दबा होने की बात समझने में देर नहीं लगी। सभी ने मलबा हटाना शुरू कर दिया। कुछ मलबा हटते ही मीनाक्षी दबी हुई दिखाई दी। यह देखते ही परिवार वालों के होश उड़ गए। करीब 20 मिनट बाद उसे बाहर निकाला जा सका, तब तक मासूम की जान जा चुकी थी। उसे अस्पताल ले जाने का भी वक्त नहीं मिला। इस हादसे के अलावा भी दो जगह जर्जर घरों की दीवारें ढह गई। शहर के कमल्ले चौराहा के पास भी एक मकान की दीवार ढह गई। इसमें हालांकि कोई घायल तो नहीं हुआ, मगर दीवार के पास खड़ी कार मलबेेेेेे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा अमरैयाकलां में भी मकान की दीवार गिरी। गनीमत रही कि उस वक्त मकान में परिवार वाले नहीं थे।