सरकारी जमीन कब्जाकर उसमें अवैध रूप से पटान करने और कॉलोनी का लेआउट पास कराने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर भी गाज गिरने की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। पिछले दिनों दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद सीओ सिटी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने मौके पर पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ कॉलोनी का मुआयना किया साथ ही कॉलोनी से संबंधित पत्रावली तलब की है।
नजूल की जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी बनाने और उसमें अवैध रूप से पटान मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कॉलोनाइजर नफीस अहमद पर 20 लाख का जुर्माना बोला था साथ ही कॉलोनाइजर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीओ सिटी यशवीर सिंह ने इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा और कॉलोनी का विकास एक दिन में नहीं हुआ है। कॉलोनी का लेआउट स्वीकृत करने से लेकर भवनों का नक्शा स्वीकृत करने तक इसकी कई बार स्थलीय जांच हुई होगी। सोमवार को वह एसएसआई पीके दुबे व दरोगा सिद्धराज सिंह के साथ केजीएन-2 कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट एवं अन्य राजस्व स्टाफ से कॉलोनी की निजी और नजूल जमीन की जानकारी की और इसमें किए गए पटान को देखा। निरीक्षण के बाद सीओ सिटी ने एसएसआई को जमीन पटान करने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों की पड़ताल कर विवेचना में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व व विनियमित क्षेत्र से कॉलोनी से संबंधित अभिलेख तलब किया। माना जा रहा है कि कॉलोनी का लेआउट स्वीकृत संबंधी फाइल की जांच कई अधिकारी कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
कॉलोनी से संबंधी पूरी फाइल तलब की है। जो भी दोषी होगी उसे मुकदमे में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी।
यशवीर सिंह, सीओ सिटी