भाकपा माले के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर पुलिस द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगवाने की मांग की।
माले नेता अलाउद्दीन शास्त्री के नेतृत्व में चंदिया हजारा के तमाम ग्रामीण गुरुवार को डीएम मासूम अली सरवर से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दुर्गा पूजा के दौरान नशे में धुत्त कुछ पुलिसकर्मी चल रहे कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करने लगे। विरोध करने पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया। जिसमें एक युवक को गोली भी लग गई।
बाद में पुलिस ने घटना पर पर्दा डालने के लिए पुलिस चौकी में आग लगा दी और एक तरफा तमाम ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से गांव का बाजार बंद चल रहा है। ज्ञापन में गांव से पीएसी हटवाने, गिरफ्तारी पर रोक लगाने, घटना की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट से कराने, आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने व गोली से घायल युवक को पांच लाख मुआवजा देने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में भाकपा माले सचिव देवाशीष राय, राज्यकमेटी सदस्य रमा गैरोला, रजनीश कुमार, रामचरन, गोलक पोद्दार आदि शामिल रहे।
सीओ ने ग्रामीणों संग की बैठक
गुरुवार को भाकपा माले के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिलकर चंदिया हजारा में किए जा रहे पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की थी। इस पर डीएम ने सीओ पूरनपुर को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर सीओ पूरनपुर चंदिया हजारा गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। नामजद अभियुक्तों के अलावा किसी को भी परेशान नहीं किया जाएगा। सीओ की बैठक के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की।