एक हजार साल से अधिक पुराना है मंदिर
मां यशवंतरी देवी का मंदिर एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। महंत राजेश वाजपेई बताते हैं कि मां यशवंतरी देवी का मंदिर यूं तो एक हजार वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। लेकिन गजेटियर में यह साढ़े तीन सौ साल से दर्ज है। महंत बताते हैं कि यहां मां के बाल रूप के चरण हैं। नकटा दानव से युद्ध करते समय मां ने यहां विश्राम किया था और जल पिया था।
मान्यता है कि इस मंदिर में आने वाले भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्रि पर यहां मेला लगता है। इसी आस्था के साथ नवरात्रि पर यशवंतरी देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मान्यता यह भी है कि पूर्णागिरी से लौटकर आते समय मां यशवतंरी देवी के दर्शन करने के बाद ही यात्रा पूर्ण मानी जाती है। मंदिर के शुरुआत से ही यहां प्राचीन तालाब है, जो आज भी बरकरार है।