अधिवक्ता केके शुक्ला आदि पर दर्ज मुकदमा समाप्त कराने और अधिवक्ता की ओर से दर्ज केस की आरोपी महिला को जेल भेजने की मांग को लेकर जिला संयुक्त बार एसोसिएशन अध्यक्ष किशनलाल ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनके समर्थन में 17 अधिवक्ता क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। आमरण और क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहेगा। इस बीच अधिवक्ता न्यायिक कार्य से भी विरत रहे। मंगलवार को भी न्यायिक कार्य नहीं होगा।
जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशनलाल का आमरण अनशन कलक्ट्रेट पर सुबह 11 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता विद्याधर पांडेय ने शुरू कराया। उन्होंने किशनलाल को माल्यार्पण पर अनशन पर बैठाया। उनके समर्थन में 17 अधिवक्ता क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। क्रमिक अनशन वाले अधिवक्ता रात दिन लगातार 24 घंटे बैठेंगे। पहले दिन क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में पूर्व अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, राजेंद्र कुमार मिश्रा, राजीव अवस्थी, रामऔतार रस्तोगी, कुलदीप अवस्थी, शैलेंद्र शर्मा, रामपाल वर्मा, रामपाल सिंह, अकिल अहमद इदरीशी, विजय अग्निहोत्री, इश्त्यिाक अहमद, मोहनलाल कश्यप, माखनलाल सैनी, विनोद कुमार ग्वाल और नेमचंद्र वर्मा शामिल रहे। अनशन स्थल पर अधिवक्ताओं की सभा हुई। इसमें कहा गया कि अधिवक्ता केके शुक्ला की ओर से दर्ज धोखाधड़ी की आरोपी महिला को एएसपी के संरक्षण में पुलिस बचा रही है जबकि अधिवक्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज हो गया है। कहा गया कि पुलिस जानबूझ कर अधिवक्ताओं का उत्पीडन कर रही है। इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आखिरी सांस तक वकील न्याय की लड़ाई लडे़ंगे। सोमवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अदालती कामकाज ठप रहा। मंगलवार को भी अधिवक्तागण न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।
पूरनपुर। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक में वकील केके शुक्ला के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट के विरोध में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया गया। बैठक में लिए गए निर्णय के तहत वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने वकील के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट की निंदा की और कहा कि आंदोलनकारी वकीलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन किया जाएगा। जब दर्ज रिपोर्ट खारिज नहीं होती और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। तब तक चलने वाले आंदोलन का समर्थन रहेगा।