चेयरमैन द्वारा कर्मचारी से अभद्रता व्यवहार से नाराज पालिका कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। दोनों ओर से एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीरें दी गई हैं।
नगर पालिका परिषद के प्रधान लिपिक सत्यदेव ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 10 बजे चेयरमैन छेदालाल जायसवाल उनके पास आए और ईओ के न होने पर उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने को कहने लगे। आरोप है मना करने पर चेयरमैन ने प्रधान लिपिक के साथ गाली गलौज कर धक्का मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी। सरकारी काम में व्यवधान डाला और उनसे जाति सूचक अपशब्द कहे। शोर शराबा होने पर मौके पर काफी लोग जमा हो गए, तभी चेयरमैन घर चले गए। इस घटना से पालिका कर्मचारियों में रोष फैल गया और बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। इसी बीच ईओ सुरेंद्र प्रताप भी आ गए थे। प्रधान लिपिक ने ईओ को इस संबंध में पत्र देकर चेयरमैन के विरूद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। प्रधान लिपिक के पत्र पर कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। ईओ ने प्रधान लिपिक के पत्र को अग्रसारित कर दिया है। उसके बाद प्रधान लिपिक ने कोतवाली में घटना की नामजद तहरीर दी। तहरीर में गाली गलौज करने, धक्का मुक्की करने, जान से मारने की धमकी दी। आरोप है सरकारी काम में बाधा डालका जाति सूचक शब्दों से अपमानित भी किया। प्रधान लिपिक द्वारा स्टाफ को इसकी जानकारी देने से कर्मचारी नाराज हो गए और सभी कोतवाली पहुंचे। प्रभारी कोतवाल न होने पर डे आफीसर आरडी गंगवार ने प्रभारी के आने पर ही मुकदमा दर्ज होना बताया। इस पर कर्मचारी रिपोर्ट दर्ज कराने की जिद पर अड़ गए। उधर चेयरमैन छेदालाल ने भी कोतवाली में पहुंचकर पुलिस को दी तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि शुक्रवार सुबह 10.15 बजे वह नगर पालिका का औचक निरीक्षण करने गए थे। इसमें उन्हें कोई मौजूद नहीं मिला। इसके बाद वह घर लौट आए। उसके बाद उन्होंने 10.30 बजे पालिका के कंप्यूटर लिपिक मोहित सैनी को प्रधान लिपिक के पास भेजकर उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी, जिससे वह आग बबूला हो गए और उन्होंने मोहित को गाली गलौज करते हुए भगा दिया। उसके कुछ ही देर बाद अपने वह चार पांच साथियों को लेकर उनके आवास में घुस आए और गाली गलौज करने लगे। मना करने पर एक कर्मचारी ने जानलेवा हमला करते हुए उन पर तमंचे से गोली चला दी। गोली मिस हो जाने के कारण वह बालबाल बच गए। तहरीर में दो कर्मचारियों को नामजद किया है और तीन चार अन्य कर्मचारियों को अज्ञात बताया गया है।
दोनों पक्षों की तहरीर कोतवाली में दी गई है। पीलीभीत से वापस पहुुंचकर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- केपी यादव, प्रभारी कोतवाल