पीलीभीत। कपड़ा व्यापारी के बेटे को बंधक बनाकर हमला करने और लूटपाट करने के आरोप में नगर पंचायत जहानाबाद चेयरमैन ममता गुप्ता के पति दुर्गाचरण गुप्ता के जेल भेजने के बाद नामजद उनके दोनों बेटों की तलाश में दबिश दी गईं। दोनों में से कोई हाथ नहीं आया। वहीं दुर्गाचरण के समर्थक उनकी जमानत कराने की कोशिश में जुट गए हैं।
कस्बा जहानाबाद के मोहल्ला काजीटोला के रहने वाले रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी धीरेंद्र गुप्ता ने थाने में दर्ज एफआईआर कराई थी। इसमें कहा था कि दुकान से घर आते वक्त उनके बेटे प्रिंस को मंगलवार रात 8:45 बजे दुर्गाचरण गुप्ता और उनके दो बेटे शिवा और शगुन ने रास्ते में रोक लिया। फिर घर में बंधक बनाकर उसे पीटा। चेयरमैन पति पर बेटे की सोने की चेन और मोबाइल लूटने का भी आरोप है। हालांकि इन दोनों के बीच बहुत पुरानी रंजिश चल रही है। घटना के बाद दुर्गाचरण गुप्ता को गिरफ्तार कर बुधवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस चेयरमैन पति के बाद उनके बेटों की गिरफ्तारी का भी प्रयास कर रही है। जहानाबाद कोतवाली इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि मामले में अन्य दो आरोपी चेयरमैन के बेटों को पकड़ने के लिए उनके घर दबिश दी गई थी, मगर वे नहीं मिले। दोनों की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं कुछ समर्थक चेयरमैन पति की जमानत कराने के लिए गिरफ्तारी के अगले ही दिन अधिवक्ताओं से मिले। भाजपा के एक जिला पदाधिकारी के अलावा एक जिला पंचायत सदस्य भी दुर्गाचरण गुप्ता के जेल जाने को लेकर चिंतित दिखे। इन समर्थकों में अधिकांश वे हैं, जो नगर पंचायत जहानाबाद में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में ठेकेदारी करते हैं। इनमें भाजपा के एक जिला स्तीरय पदाधिकारी और एक दिग्गज भाजपा नेता के समर्थक जिला पंचायत सदस्य भी शामिल हैं।