पीलीभीत। सावधानी ही साइबर ठगी से बचने का एक मात्र तरीका है। किसी से बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। नए लेनदेन से बचें, यह बातें एएसपी विक्रम दहिया ने अमर उजाला की ओर से शहर के स्प्रिंगडेल कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं।
उन्होंने छात्र–छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। कहा कि बैंक संबंधी, अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी से भी साझा करने से बचें। मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें। एप डाउनलोड करने में भी सावधानी बरतें।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीकों का प्रयोग कर रहे हैं। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी जुटाकर ठग डिजिटल अरेस्ट, होम अरेस्ट समेत अन्य तरीकों से डरा-धमकाकर ठगी को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल नहीं उठाने चाहिए।
साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर अपराध की बात कहकर ठगी करते हैं। इसलिए स्वयं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती, बल्कि सीधे थाने बुलाती है। बताया कि ठगी से बचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल साइट्स का प्रयोग करने में भी सावधानी बरतने की जरूरत हैं। सोशल साइड को लॉक कर रखें।
उन्होंने 1930, 1076, 1090, 181, 112, 1098 आदि हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के सवालों का जवाब भी दिया। कॉलेज के कार्यकारी निदेशक डॉ. हेमंत जगोता ने अतिथियों का स्वागत किया। पाठशाला कार्यक्रम में 10 वीं, 12 वीं और डीएलएड के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षण मौजूद रहे।
लाइक-कमेंट पाने से बचें, समस्या को छिपाने के बजाय करें साझा
साइबर सेल के प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर सरकार व पुलिस लगातार आमजन को जागरूक करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि मोबाइल के अधिक चलन के साथ सोशल साइट्स पर लाइक, कमेंट और शेयर पाने के लिए लोग बेचैन रहते हैं। ठग इन्हीं का फायदा उठाकर जानकारी हासिल कर अपराध को अंजाम देते हैं। उन्होंने कई उदाहरण देकर छात्राओं को जागरूक किया।
कहा कि अंजान व्यक्ति से दोस्ती और उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। साइबर सेल के अनुज कुमार ने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी और जागरूकता ही इसका बचाव है। ईमेल अटैचमेंट के जरिये किसी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें। किसी भी प्रकार का ओटीपी भूलकर भी किसी से शेयर न करें। ऑनलाइन एकाउंट को हमेशा लॉगआउट रखें। मुफ्त उपहार, प्रस्ताव, संदेश, मेल आदि पर विश्वास न करें। रातोंरात अमीर बनने के प्रलोभन से बचें।
शहर के स्प्रिंगडेल कॉलेज में पुलिस की पाठशाला में बोलते एएसपी विक्रम दहिया। संवाद