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दो अफसरों के बीच फंसे पंचायतीराज कर्मचारी

Mon, 12 Sep 2016 11:32 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
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पंचायतीराज विभाग में प्रभारी डीपीआरओ और एडीपीआरओ दोनों के होने से कर्मचारी मुसीबत में हैं। दोनों के आदेशों को एक साथ पूरा करने में उन्हें दिक्कत आ रही है। इसके चलते विभाग में गुटबाजी बढ़ने लगी है।
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पंचायतीराज विभाग में तैनात डीपीआरओ अजय सिंह के अस्वस्थ होने पर दो महीना पहले जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार को डीपीआरओ का चार्ज दे दिया गया था। अजय सिंह के वापस आने के बाद भी उनके खिलाफ जांच लंबित होने के चलते उन्हें चार्ज नहीं दिया गया। इस बीच शासन ने अजय सिंह को लखनऊ से संबद्ध कर बरेली के एडीपीआरओ विनय सिंह को प्रभारी डीपीआरओ बनाकर पीलीभीत भेज दिया लेकिन उन्हें केवल प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। वित्तीय अधिकार अब भी प्रभारी डीपीआरओ देवेंद्र कुमार के पास हैं। इसके चलते विभाग में अब दो डीपीआरओ काम कर रहे हैं। केबिन एक होने के चलते विनय सिंह मुख्य कार्यालय में बैठ रहे हैं जबकि देवेंद्र कुमार जिला अल्पसंख्यक कार्यालय में बैठकर ही पंचायतीराज का काम संभाल रहे हैं। दो डीपीआरओ होने का सबसे बड़ा खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। चार्ज को लेकर मारामारी के चलते दोनों अधिकारी कर्मचारियों को अपने पक्ष में रखने का प्रयास कर रहे हैं और अपने अपने हिसाब से आदेश दे रहे हैं। ऐसे मेें कर्मचारियों को दोनों अधिकारियों के आदेश का पालन करना मुश्किल हो रहा है। 

एडीपीआरओ विनय सिंह टेक्निकल हैं इसलिए डीएम के आदेश पर उन्हें सिर्फ प्रशासनिक चार्ज दिया गया है। शेष कार्य और अधिकार पहले की तरह प्रभारी डीपीआरओ देवेंद्र कुमार पर ही हैं।
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- इंद्रदेव द्विवेदी, सीडीओ
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