- चयन संबंधित कागजात गायब कर दूसरे की दिखाई नियुक्ति
- न्यूरिया क्षेत्र के मरौरी गांव मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। महिला केयरटेकर के पद पर चयन के बाद सचिव ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर चयन संबंधित कागजात जालसाजी कर गायब कर दूसरी महिला की नियुक्ति दिखा दी। जानकारी पर महिला ने शिकायत की तो आरोपियों ने उसे धमकाया। गालियां दीं। कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन सचिव, प्रधान समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव मरौरी निवासी दुलारो देवी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह गांव में उजाला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2021 में उनका चयन पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम शौचालय के केयरटेकर के पद पर हुआ था। विधिवत प्रस्ताव द्वारा नाम जिला स्तर की सूची में शामिल हुआ। इसके बाद से वह ग्राम शौचालय की स्वच्छता एवं सफाई की जिम्मेदारी संभालने लगीं।
आरोप है कि कुछ समय बाद मरौरी गांव के तत्कालीन सचिव राम बहादुर ने ग्राम प्रधान अनुसुईया, उसके पति नेवाराम से सांठगांठ कर चयन संबंधी कागजात गायब कर दिए। इसके बाद गांव में गठित दूसरे समूह गणेश स्वयं सहायता समूह की महिला लीलावती को पिछली तिथि का फर्जी प्रस्ताव बनवाकर उसके स्थान पर शौचालय का केयरटेकर नियुक्त दिखा दिया गया। उससे शौचालय की चाबियां भी छीन ली गईं। वहीं मानदेय भी फर्जी तौर से तैनात की गई महिला को मिलने लगा।
जानकारी होने पर मामले की शिकायत डीएम से की गई। पंचायती राज अधिकारी ने मामले की जांच के दौरान अभिलेख तलब किए, जो गायब बताते हुए अब तक दिए नहीं गए हैं। सदर कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन सचिव लाल बहादुर प्रधान अनुसुईया देवी, प्रधान पति नेवाराम व लीलावती के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।