बीसलपुर। लगता है कि ईरान की जनता को तराई की चीनी का स्वाद भा गया है। यहां की किसान सहकारी चीनी मिल को 55 हजार क्विंटल चीनी सप्लाई का ऑर्डर मुंबई की निजी कंपनी के जरिये ईरान से मिला है। बुक कराई गई चीनी दो खेपों में ईरान भेजी जाना है, पहली खेप सोमवार को गुजरात रवाना की जाएगी, उसके बाद समुद्री रास्ते से ईरान पहुंचाया जाएगा। चीनी मिल के अफसर इतनी बड़ा ऑर्डर मिलने से खुश हैं।
कोरोना संक्रमण के बाद सहकारी और निजी चीनी मिलें आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। इसीलिए गन्ना किसानों का पूरा बकाया भी नहीं चुकाया गया। गन्ना पेराई सत्र खत्म हो चुका है। बीसलपुर चीनी मिल पर किसानों का 49.34 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। चीनी मिल के गोदाम में अभी 4.5 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है। आर्थिक संकट के दौर में ईरान से यह ऑर्डर मिलने से अफसर खुश हैं। मिल महाप्रबंधक एसडी सिंह ने बताया कि मुबंई की एक कंपनी ने ईरान को सप्लाई करने के लिए उनकी मिल से 55 हजार क्विंटल चीनी 12 करोड़ रुपये में खरीदी है। मुंबई की कंपनी ही यह माल ईरान पहुुंचाएगी। इस संबंध में सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। चीनी की पहली खेप 26 हजार क्विंटल की सप्लाई सोमवार को की जाएगी। दोनों खेप बीसलपुर से पहले बरेली तक पहले ट्रकों से पहुंचेगी। फिर बरेली से गुजरात के कांडला तक ट्रेन से भेजी जाएगी। गुजरात से समुद्री रास्ते से जहाज द्वारा यह चीनी ईरान पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि चीनी 15 जुलाई तक ईरान पहुंच जाएगी।