कलीनगर। शारदा सागर डैम के सातवें किलोमीटर पर आपात स्थिति में खोले जाने वाले नगरिया कट से जुड़ी नहर की मछली नीलामी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग ने शुक्रवार को सहायक अभियंता प्रथम के कार्यालय में नीलामी कराने की तैयारी की है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र विभाग के अधीन न होकर या तो टाइगर रिजर्व का हिस्सा है या फिर ग्राम पंचायत नगरिया खुर्द कला की जमीन पर आता है।
सिंचाई विभाग ने वर्षों पहले इस नहर को केवल आपात स्थिति में डैम का पानी शारदा नदी तक पहुंचाने के लिए तैयार किया था। सामान्य दिनों में यहां से सिर्फ नौतेला झील का पानी ही नदी में छोड़ा जाता है। ऐसे में इस नहर में स्थायी रूप से पानी न होने के कारण अब तक कभी मछली की नीलामी नहीं की गई। बावजूद इसके विभाग ने अचानक नीलामी की तारीख घोषित कर दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह नीलामी असल में शारदा सागर डैम में मछलियों के अवैध शिकार को वैध करने का हथकंडा है। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए सवाल उठाया कि जब नहर सिंचाई विभाग की अधिसूचित संपत्ति ही नहीं है और उसमें मछली उत्पादन की स्थिति नहीं है, तो नीलामी का औचित्य क्या है। वहीं, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या टाइगर रिजर्व प्रशासन इस क्षेत्र को मछली शिकार के लिए अनुमति देगा या नहीं। अब सबकी निगाहें शुक्रवार को होने वाली नीलामी पर टिकी हैं। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जानकारी कराई जाएगी।
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