पीलीभीत। लापता बेटे के साथ अनहोनी की आशंका से परेशान माता-पिता की एक तो थाना प्रभारी नहीं सुनी। जब दोनों परेशान होकर अपनी फरियाद लेकर एसपी आवास पर पहुंचे तो यहां तीन घंटे इंतजार करने के बाद भी आवास के स्टाफ ने पीड़ित की साहब से मुलाकात नहीं कराई। हद तो तब हो गई, जब एसपी के स्टाफ ने पीड़ित की तहरीर तक नहीं ली। बेटे के घर न आने से परेशान माता-पिता ने स्टाफ को अपना दर्द भी सुनाया, लेकिन संवदेनहीन हो चुके एसपी स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी। तीन घंटे इंतजार के बाद माता-पिता गांव वालों के साथ वापस लौट गए।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम शाहगढ़ निवासी बसंतलाल पुत्र दुर्जनलाल ने बताया कि उनके बेटे ओमकार की शादी आठ मार्च 2019 को जहानाबाद क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। कुछ दिन बाद दंपती के बीच मनमुटाव हो गया। तीन माह से पुत्रवधु मायके जाकर रहने लगी। करीब एक माह पूर्व ससुराल वालों ने ओमकार को संदेश भिजवाया कि पत्नी की विदा कराकर ले जाओ। 17 अक्तूबर को ओमकार पत्नी को लिवाने के लिए ससुराल गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। दो दिन तक ओमकार वापस नहीं आया तो परिवार वाले ससुराल पहुंचे। वहां ओमकार नहीं मिला, उसकी बाइक, कपड़े, जूते समेत अन्य सामान रखा था। ससुराल वालों ने पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परिवार वालों ने ओमकार को गायब करने या फिर उसके साथ कोई घटना अंजाम देने की आशंका जताते हुए तहरीर थाना जहानाबाद में दी। पिता का आरोप है कि जहानाबाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनको जांच के नाम पर थाने के कई चक्कर लगवाए। निराश होकर माता-पिता एसपी आवास पहुंचे। तीन घंटे तक वह एसपी से मिलने के लिए खड़े रहे। बहुत गुजारिश भी की, लेकिन एसपी का स्टाफ नहीं पसीजा। उनका शिकायती पत्र तक नहीं लिया और दोनों को डांटकर भगा दिया। बुजुर्ग माता-पिता निराश होकर वापस चले गए।
इंस्पेक्टर जहानाबाद उमेश सिंह सोलंकी ने लापरवाही भरे अंदाज में बताया कि इस मामले में ओमकार के लापता होने की गुमशुदगी थाने में दर्ज है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। जब जांच पूरी हो जाएगी, तभी कार्रवाई होगी।
मैं सरकारी निर्देश पर सरदार पटेल जयंती के प्रोग्राम में शामिल होने चला गया था। ऑफिस देर से पहुंचा। स्टाफ से पता करूंगा कि क्यों उनको मुझसे नहीं मिलने दिया। पीड़ित दोबारा मुझसे आकर मिलें। निश्चित तौर पर उनकी बात सुनी जाएगी और कार्रवाई होगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
शासन से नोडल अफसर (पुलिस) बनाए गए एडीजी अविनाश चंद्र का कहना है कि लापता युवक के परिजनों को अगर पीलीभीत से न्याय नहीं मिला तो वह बरेली आकर लिखित शिकायत दें। उस पर कार्रवाई कराई जाएगी।