राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत डूडा की ओर से शहर में एक आजीविका केंद्र बनाने की योजना है। इस केंद्र में विभिन्न ट्रेडों जैसे बिजली, कारपेटर, लोहर, राजमिस्त्री, पिलम्बर, पुताई कारीगर, लाइट डेकोरेशन आदि का काम करने वाले कारीगर/मिस्त्रियों का रजिस्टेशन कराकर कंप्यूटर में फोन नंबर सहित डाटा फीड किया जाएगा, साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने वाले को केंद्र की ओर से एक आईकार्ड भी दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित व्यक्ति अपनी दुकान घर आदि कहीं भी काम करता रहेगा। इस बीच यदि किसी व्यक्ति को किसी कारीगर अथवा मिस्त्री की आवश्यकता है तो केंद्र में उपलब्ध नंबरों पर फोन करेगा। इसके कुछ समय बाद संबंधित कारीगर आपके घर पर हाजिर होगा। कार्य करने के बाद घर गया कारीगर वाजिब पैसे भी लेगा। डूडा ने इसके लिए 10 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर नगर पालिका के माध्यम से शासन को भेजा है।
नखासा में बने बरातघर में होगा संचालन
आजीविका केंद्र बनाने के लिए पालिका द्वारा कुछ समय पहले मोहल्ला नखासा में बनाए गए बारात घर को प्रस्तावित किया गया है। इस भवन में डूडा की प्रस्तावित योजना से कंप्यूटर, इंर्वटर, स्टाफ, फोन आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
आजीविका केंद्र की स्थापना के लिए नगरपालिका के माध्यम से शासन को 10 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे शहरवासियों और हुनरमंद दोनों को लाभ मिलेगा।
आरके वर्मा, परियोजना अधिकारी, डूडा