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सीएए- एनआरसी के विरोध में एफआईआर झेल रहे लोगों से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल, उठाए सवाल

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पीलीभीत। पूर्व विधायक संजय कपूर के नेतृत्व में आए कांग्रेस के चार सदस्यीय जांच दल ने सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शन को लेकर बीते दिनों 33 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर पर सवाल उठाए। दल ने प्रकरण से जुड़े कई लोगों के घर जाकर उनसे बातचीत की। इसके बाद प्रेसवार्ता कर कहा कि जांच दल के सदस्य बरेली में एडीजी जोन से मुलाकात कर एफआईआर निरस्त करने की मांग करेंगे।
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मोहल्ला शेर मोहम्मद में सीएए-एनआरसी के विरोध में 13 फरवरी को अचानक महिला-पुरुषों की भीड़ जमा हो गई थी। बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन के दौरान सिपाही दुष्यंत को बंधक बनाकर प्रदर्शनकारियों पर मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर छह प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया था। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर शुक्रवार को पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन की अगुवाई में सात सदस्यीय जांच दल बनाया गया था। शनिवार को जांच दल के तीन सदस्य पूर्व विधायक संजय कपूर, प्रदेश सचिव कुमुद गंगवार और पूर्व प्रवक्ता सैफ अली नकवी पीलीभीत पहुंचे और दल के एक अन्य सदस्य जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा समेत अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं को साथ लेकर प्रकरण से जुड़े पांच प्रदर्शनकारियों के घर गए। उनसे बातचीत कर हकीकत जानी। इसके बाद वह प्रदर्शन स्थल पर भी गए। एक रिटायर न्यायिक अधिकारी से भी मुलाकात की, क्योंकि उनका नाम भी एफआईआर में बताया जा रहा है। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने छतरी चौराहा स्थित कार्यालय पर प्रेसवार्ता की और फिर बरेली में एडीजी से मुलाकात करने के लिए रवाना हो गए।
पुलिस की कहानी पूरी तरह झूठी है। सिपाही को बंधक बनाने की बात दो दिन बाद ध्यान आई। जिस मकान में सिपाही को बंधक बनाने की बात कही गई है, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उससे पता किया जा सकता है। इसके पीछे जो भी अधिकारी और नेता हैं, उनको बेनकाब किया जाएगा। न्यायालय तक लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस पार्टी अन्याय के खिलाफ बेगुनाहों के साथ है।
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- संजय कपूर, पूर्व विधायक कांग्रेस
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